पीएम मोदी बोले- सत्ता में नहीं, सेवा में रहना चाहता हूं; मैं सिर्फ जनता का सेवक

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित किया। यह मन की बात कार्यक्रम का 83वां एपिसोड था। इस कार्यक्रम का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और मोबाइल एप पर किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने आयुष्मान योजना से लेकर स्टार्टअप और पर्यावरण पर बात की। पीएम मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव पर चर्चा करते हुए शहीदों को नमन किया।

मुझे सत्ता में जाने का आशीर्वाद मत दीजिए
प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्माण भारत योजना के लाभार्थी राजेश कुमार प्रजापति से बात करते हुए इसके फायदे पूछे तो प्रजापति ने कहा कि मुझे बहुत फायदा हुआ सर मैं आपको हमेशा सत्ता में देखना चाहता हूं। इसपर पीएम मोदी ने कहा कि मुझे सत्ता में जाने का आशीर्वाद मत दीजिए, मैं गरीबों की सेवा के लिए हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज भी सत्ता में नहीं हूं और भविष्य में भी सत्ता में जाना नहीं चाहता हूं। मैं सिर्फ सेवा में रहना चाहता हूं। मेरे लिए ये पद, सत्ता के लिए है ही नहीं, सेवा के लिए है।

छह दिसम्बर को बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि दिसम्बर महीने में ही एक और बड़ा दिन हमारे सामने आता है जिससे हम प्रेरणा लेते हैं। ये दिन है, छह दिसम्बर को बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था।

पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप की दुनिया में आज भारत विश्व में एक प्रकार से नेतृत्व कर रहा है। साल दर साल स्टार्टअप को रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है। ये क्षेत्र बहुत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। देश के हर छोटे-छोटे शहर में भी स्टार्टअप की पहुंच बढ़ी है। युवाओं से समृद्ध हर देश में तीन चीजें बहुत मायने रखती हैं। पहली चीज है – Ideas और Innovation , दूसरी है – जोखिम लेने का जज्बा, तीसरी है – Can Do Spirit, यानी किसी भी काम को पूरा करने की जिद्द। जब ये तीन चीजें आपस में मिलती हैं तो अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के प्रयासों से, सरकार की योजनाओं से कैसे कोई जीवन बदला उस बदले हुए जीवन का अनुभव क्या है? जब ये सुनते हैं तो हम भी संवेदनाओं से भर जाते हैं। यह मन को संतोष भी देता है और उस योजना को लोगों तक पहुंचाने की प्रेरणा भी देता है। प्रकृति से हमारे लिए खतरा तभी पैदा होता है जब हम उसके संतुलन को बिगाड़ते हैं या उसकी पवित्रता को नष्ट करते हैं। प्रकृति मां की तरह हमारा पालन भी करती है और हमारी दुनिया में नए-नए रंग भी भरती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए ऐसा जरूरी नहीं होता। जब वीरता का विस्तार होता है तो हर क्षेत्र में अनेकों कार्य सिद्ध होने लगते हैं। हमारे स्वतंत्रता  संग्राम में झांसी और बुंदेलखंड का कितना बड़ा योगदान है, ये हम सब जानते हैं। यहां रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएं भी हुईं और मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न भी इस क्षेत्र ने देश को दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्माण भारत योजना के लाभार्थी राजेश कुमार प्रजापति से बात करते हुए इसके फायदे पूछे तो प्रजापति ने कहा कि मुझे बहुत फायदा हुआ सर मैं आपको हमेशा सत्ता में देखना चाहता हूं। इसपर पीएम मोदी ने कहा कि मुझे सत्ता में जाने का आशीर्वाद मत दीजिए, मैं गरीबों की सेवा के लिए हूं। पीएम मोदी ने कहा कि वृंदावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है। हमारे संतों ने भी कहा है – यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में, कहत जथा मति मोर। वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ, काहु न पायौ और।

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी में अपने जनजातीय समुदाय के योगदान को देखते हुए देश ने जनजातीय गौरव सप्ताह भी मनाया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे जुड़े कार्यक्रम भी हुए। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में जारवा और ओंगे, ऐसे जनजातीय समुदायों के लोगों ने अपनी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने कहा कि अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है। अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर संसद तक, अमृत महोत्सव की गूंज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है।

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