क्या है सिबिल स्कोर और कैसे की जाती है सिबिल स्कोर की गणना?

शेयर करें

बिजनेस डेस्क। सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर की गणना उधारकर्ताओं के भुगतान, ऋण की आवश्यकता और बकाया राशि के आधार पर की जाती है। अगर आपका स्कोर 750-900 के बीच है तो आप बेस्ट कह सकते हैं। 650-750 के बीच अच्छा माना जाता है। 550-650 के बीच का औसत, इससे नीचे खराब माना जाता है। मालूम हो कि सिबिल देश के क्रेडिट ब्यूरो में से एक है। अच्छा स्कोर करने के लिए इन 10 सिद्धांतों को याद रखें। सिबिल स्कोर 300 से 900 तक का तीन अंकों का नंबर है, जिसका उपयोग आपकी क्रेडिट योग्यता का आकलन करने के लिए किया जाता है। आपके क्रेडिट व्यवहार और आपकी ट्रांसयूनियन सिबिल रिपोर्ट की जानकारी आपके क्रेडिट विवरण के रिकॉर्ड के रूप में कार्य करती है, जो आपके क्रेडिट स्कोर की गणना करते समय ध्यान में रखी जाती है। अधिकांश बैंक और नॉन-बैंकिंग के लिए, लोन अप्रूवल के लिए आवश्यक न्यूनतम क्रेडिट स्कोर 750 है।

चार महत्वपूर्ण बातें हैं जिनका आपके सिबिल स्कोर पर असर पड़ता है:

  • पेमेंट हिस्ट्री : देर से ईएमआई भरना या डिफॉल्ट करने का आपके सिबिल स्कोर पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
  • क्रेडिट मिक्स: मिलेजुले सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन होने का आपके क्रेडिट स्कोर पर सकारात्मक असर होता है।
  • बार-बार पूछताछ: लोन के विषय में बहुत ज्यादा पूछताछ करने का आपके स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है। यह संकेत देता है कि भविष्य में आपके लोन का बोझ बढ़ सकता है।
  • हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन: हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन लिमिट समय के साथ कर्ज बढ़ने का संकेत देती है। इसका स्कोर पर अच्छा असर नहीं होता है।

अगर किसी कारण से आपका सिबिल स्कोर अच्छा नहीं है तो हम यहां बता रहे हैं कि कैसे इसे सुधारा जा सकता है:

  • अपने बकाया बिलों का भुगतान हमेशा समय से करें| लेट पेमेंट को बैंक अच्छा नहीं मानते हैं।
  • क्रेडिट का इस्तेमाल बहुत ज्यादा नहीं करें। खर्चों पर अंकुश लगाएं।
  • होम और ऑटो लोन जैसे सिक्योर्ड लोन और पसर्नल और क्रेडिट कार्ड सरीखे अनसिक्योर्ड लोनों के बीच संतुलन बनाएं। बहुत ज्यादा अनसिक्योर्ड लोन को अच्छा नहीं माना जाता है।
  • ज्वाइंट अकाउंट है तो ज्वाइंट अकाउंट होल्डर पर नजर रखें। ज्वाइंट अकाउंट होल्डर की लापरवाही का भी आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है।
  • समय-समय पर क्रेडिट हिस्ट्री की समीक्षा जरूर करें। अपने सिबिल स्कोर पर नजर बनाकर रखें। रिपोर्ट को नियमित रूप से जांचने से आप बैंक की ओर से कोई गलती होने पर उसे सुधरवा पाते हैं।

भविष्य में अगर नहीं चाहते कि लोन मिलने की उम्मीद कम हो जाए तो आज से ही अपने सिबिल स्कोर को सुधारने के प्रयास में जुट जाएं।

 

You cannot copy content of this page