हाइपरसोम्निया: जानिए बहुत ज्यादा नींद आने के लक्षण और कारण ?

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पर्याप्त मात्रा में नींद लेना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इसलिए कहा जाता है कि आठ घंटे की नींद बहुत ही जरूरी है, अगर आपको भी रात में आठ से नौ घंटे सोने के बाद भी दिन में नींद आती है तो इसे अनदेखा ना करें | क्या आप जानते हैं कि नींद से जुड़ी भी कई बीमारियां हैं, जिससे दुनियाभर में कई लोग पीड़ित हैं। ऐसी ही एक बीमारी है हाइपरसोम्निया, जिसे अतिनिद्रा भी कहा जाता है। यह नींद से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसके कारण दिन में अत्यधिक नींद आती है, जबकि व्यक्ति आठ घंटे सो चुका होता है।

इस वजह से आपकी डेली लाइफ और कामकाज भी प्रभावित होता है| यह समस्या ज्यादा शराब पीने, तनाव और अवसाद की वजह से भी होती है| इस समस्या से पीड़ित लोग कई बार नींद को भगाने के लिए चाय-कॉफी का अधिक सेवन करने लगते हैं जिससे उन्हें कई और परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है| इसलिए इस लेख में हम आपको इस समस्या पर काबू पाने के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं|

हाइपरसोम्निया यानी अधिक नींद आने की ये वजहें हो सकती हैं:
  • नींद संबंधी विकार नार्कोलेप्सी (दिन के समय नींद आना) और स्लीपएप्निया (नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट) की वजह से
  • रात को पर्याप्त नींद नहीं लेने से
  • वजन ज्यादा होने से
  • नशीली दवाओं या शराब के अधिक सेवन से
  • सिर पर चोट लगने या पार्किंसंस रोग जैसे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण
  • तनाव की वजह से
हाइपरसोम्निया का प्राथमिक लक्षण तो अत्यधिक नींद आना है। इसके अलावा कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:
  • दिन में कई बार सो जाना
  • 9 घंटे से अधिक समय तक सोना, लेकिन फिर भी आराम महसूस नहीं करना
  • नींद से जागने में कठिनाई होना
  • नींद से जागने की कोशिश करते समय भ्रमित महसूस करना
आपकी नींद की आदतों को बदलने से हाइपरसोम्निया का इलाज तो नहीं हो सकता है, लेकिन यह आपको बेहतर महसूस करने में मदद जरूर कर सकता है। इसके लिए ये जरूरी हैं:
  • हर रात एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं| हर एक इंसान को रात में सात से आठ घंटे सोना चाहिए| अपने स्लीप पैटर्न को अच्छा रखने के लिए न एक ही समय पर सोना और जागना जरूरी है| हर किसी को सोने से कुछ देर पहले ही टीवी, मोबाइल और सभी लैपटॉप दूर कर देना चाहिए|
  • शराब और कैफीन के सेवन से बचें| आपकी डाइट में प्रोटीन, विटामिन्स और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा संतुलन होना चाहिए| कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन का शरीर पर चीनी और कैफीन के समान प्रभाव पड़ता है| इसलिए ध्यान रखें कि आप सोने से पहले कुछ ऐसा ना खाएं जो आपकी नींद में खलल डाले|
  • शांतिपूर्ण नींद का वातावरण बनाएं|
  • कसरत से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है| यह आपके शरीर को फिट रखने के साथ ही तनाव को भी दूर करने का काम करता है| सुबह कसरत करने से आपको रात में अच्छी नींद आती है|
  • यदि संभव हो तो दवाओं से बचें जो उनींदापन यानी उंघाई का कारण बन सकती हैं|
  • देर रात तक काम करने से बचें |
  • तनाव आपकी नींद का दुश्मन हो सकता है| तनाव से निपटने के लिए करें मेडिटेशन (ध्यान) करें| मेडिटेशन से शरीर तरोताजा रहता है और यह तनाव को दूर करने में भी मदद करता है|
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