जीएसटी के पहले के सेल्स टैक्स नहीं पटाने वालों पर सख्ती, सैकड़ों कारोबारी जिन पर सेल्स टैक्स बकाया

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रायपुर। ऐसे कारोबारी जिन पर अभी तक सेल्स टैक्स बकाया है, उसकी वसूली के लिए सख्ती तेज हो गई है। वाणिज्यकर विभाग के अनुसार जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले रायपुर समेत राज्यभर में सैकड़ों कारोबारी ऐसे हैं जिन पर सेल्स टैक्स बकाया है। करीब 10 साल से ऐसे कारोबारियों को कई नोटिस भी जारी की गई, लेकिन टैक्स की वसूली नहीं हो पाई। यही वजह है कि अभी दो से तीन महीने में 22 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की गई है। इन संपत्तियों की नीलामी शुरू कर दी गई है।

सेल्स टैक्स की वसूली के लिए सोमवार को चौबे कॉलोनी में स्थित 2400 वर्गफीट जमीन की नीलामी की जाएगी। इस जमीन की बोली लगाने के लिए लोगों से एडवांस रकम 10 लाख रुपए की डीडी पहले ही जमा करा ली गई है। जिस कारोबारी की जमीन की नीलामी की जा रही है उससे 3 करोड़ 57 लाख 52 हजार 104 रुपए की वसूली करनी है। नीलामी के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। तीन बोलीदारों के आने के बाद ही नीलामी की जाएगी। जिसकी बोली ज्यादा होगी उसे ही जमीन दी जाएगी। जमीन खरीदने वाले व्यक्ति या संस्था को बोली की रकम का 15 प्रतिशत रकम का चेक तुरंत जमा करना होगा। सीजीएसटी आयुक्त भीम सिंह ने कहा कि इस संबंध में प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

लगातार करेंगे वसूली
वाणिज्यकर विभाग के अफसरों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कई कारोबारी ऐसे हैं जो अपना पिछला टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इनमें से कई ने अपना कारोबार भी समेत लिया है। कई नाम पर बदलकर जीएसटी में नया पंजीयन कराकर काम कर रहे हैं। इसलिए ऐसे सभी कारोबारियों की पहचान की जा रही है जिन पर जीएसटी के पहले बड़ी रकम टैक्स के रूप में बकाया है। इस रकम की वसूली से सरकार को बड़े राजस्व की प्राप्ति होगी। इसलिए ऐसे सभी बकायादारों की सूची तैयार कर ली गई है। जमीन की कुर्की के लिए तहसील अफसरों की भी लगातार मदद ली जा रही है।

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