मरीज को अस्पताल में बनाया बंधक, मामले में आया नया मोड, ब्लैकमेंलिंग का निकला पूरा मामला
सक्ति: छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के लाइफ लाइन अस्पताल में मरीज को बंधक बनाने (Marij Ko Asptal Ne Banaya Bandhak) की खबर से सनसनी फैल गई थी। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। मरीज और उसके परिजनों के सामने आने के बाद पूरा मामला ब्लैकमेंलिंग का निकला। एक आरोपी ने खुद को पत्रकार बताते हुए अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश की थी।
फर्जी खबर चलाकर बदनाम करने की दी धमकी
जानकारी के मुताबिक, परसदा स्थित लाइफ लाइन अस्पताल पिछले तीन सालों से संचालित है। इस दौरान अपने आप को पत्रकार बताने वाला नेतराम बघेल लगातार अस्पताल प्रबंधन से पैसों की मांग करता था। पैसे न देने पर वह फर्जी खबर चलाकर बदनाम करने की धमकी भी देता था। अस्पताल प्रबंधन ने दबाव में आकर उसे फोनपे और नगद दो बार में 39 हजार रुपए भी दिए, लेकिन उसकी मांग बढ़ती गई। ज्यादा पैसे मांगने और लगातार प्रताड़ित किए जाने पर जब अस्पताल प्रबंधन ने इनकार किया तो उसने समय आने पर देख लेने की बात कहीं ।
मरीज के पति को किया भ्रमित
इसी बीच 19 नवंबर को मरीज ज्योति यादव प्रसव उपचार के लिए भर्ती हुई, जहां परिजनों की सहमती से सफल ऑपरेशन किया गया। जच्चा-बच्चा बेहतर स्वास्थय के लिए तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहे। डिस्चार्ज पर परिजनों ने इलाज का खर्च चुकाने की बात कही थी। इधर मरीज का पति दीपक यादव जब किसी काम से हसौद गया, तो नेतराम ने कम पढ़े लिखे युवक को भ्रमित किया।
इस तरह से खुला पूरा राज
नेतराम ने दीपक को यह कहकर बहकाया कि सरकार इलाज के लिए 50 हजार देगी और अस्पताल को भी पूरा पैसा नहीं देना पड़ेगा। इसी बहाने उसने दीपक से एक पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर उसे कलेक्टर और एसपी कार्यालय में जमा करा दिया। बाद में उसी पत्र को आधार बनाकर नेतराम ने मरीज को बंधक बनाने की झूठी साजिश रची। जब मामला चर्चा में आया तो मरीज और उसके पति खुद हसौद थाने पहुंचे और पूरा सच लिखित रूप से बताया।
इधर अब अस्पताल प्रबंधन ने नेतराम बघेल के खिलाफ लगातार चल रही ब्लैकमेलिंग और वसूली की शिकायत एसपी, कलेक्टर और अन्य अधिकारियो से कर दी है।