31 को अभनपुर के सोनपैरी में आयोजित हिंदू सम्मेलन में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत करेंगे शिरकत
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS की स्थापना को पूरे 100 वर्ष हो रहे हैं। संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। शहर से लेकर गांव और मोहल्ला से लेकर टोला में संघ के विस्तार के साथ ही हिंदू जागरण को लेकर अभियान चला रहा है। शताब्दि वर्ष में छत्तीसगढ़ में भी संघ के बैनर तले विशाल कार्यक्रम का आयोजन अभनपुर के सोनपैरी गांव में किया जा रहा है। आरएसएस के पदाधिकारियों की देखरेख में तैयारी शुरू हो गई है। सोनपैरी में हाेने वाले हिंदू सम्मेलन की खास बात ये कि संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत इसमें शिरकत करेंगे। उनके प्रवास की तैयारी शुरू हो गई है। डॉ भागवत 31 दिसंबर को एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ के अभनपुर के गांव सोनपैरी आएंगे। यहां विशाल हिंदू सम्मेलन को संबोधित करेंगे। हिंदू सम्मेलन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में संत, समाजसेवी और आमजन भी शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख डॉ भागवत के छत्तीसगढ़ प्रवास तय होते ही संघ के अलावा संघ के अन्य अनुषांगिक संगठनों और भाजपा सत्ता व संगठन से जुड़े पदाधिकारियों,आला नेताओं व कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी इसी अंदाज में बढ़ गई है। हिंदू सम्मेलन में शिरकत कर रहे डॉ भागवत की प्रतिष्ठा के अनुरुप भीड़ जुटाने की चुनौती भी संघ व अनुषांगिक संगठनों के अलावा भाजपा की रहेगी। संघ के रणनीतिकारों और पदाधिकारियों की कोशिश है कि साेनपैरी के हिंदू सम्मेनल में प्रदेशभर से संघ के स्वयंसेवक व अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के अलावा संघ को करीब से जानने वाले प्रतिबद्ध लोगों की सहभागिता भी बड़ी संख्या में हो। इसी उद्देश्य को साथ लेकर संघ के पदाधिकारी गांव और शहरों में लगातार बैठकें कर रहे हैं और सम्मेलन में शामिल होने आमंत्रित भी कर रहे हैं। संघ व अनुषांगिक संगठन अपने तरीके से स्वयंसेवकों व लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने स्तर पर लोगों से संपर्क करने के अलावा सोनपैरी के कार्यक्रम में शामिल होने संपर्क कर रहे हैं। दोनों स्तर पर बैठकों और संपर्क का दौर चल रहा है।
छत्तीसगढ़ के शहरों व गांव-गांव में होंगे आयोजन
संघ की रणनीति पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ के शहरों के अलावा गांव-गांव में हिंदू सम्मेलनों का आयोजना किया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रदेश में 11 दिसंबर से कर दी गई है। संघ की कोशिश है कि शताब्दि वर्ष में छत्तीसगढ़ में दो हजार स्थानों पर हिंदू सम्मेलन कराया जाए। संघ के रणनीतिकारों व पदाधिकारियों की नजरें धर्मांतरण से प्रभावित क्षेत्रों की ओर सबसे ज्यादा है। यहां बड़ी संख्या में और प्रभावी भीड़ के साथ सम्मेलन कराने की योजना बनाई गई है।
छत्तीसगढ़ में संघ की शाखाएं
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 1601 मंडल हैं। इन मंडलों में प्रदेश के 19 हजार से ज्यादा गांवों को शामिल किया गया है। एक मंडल में 8 से 10 गांवों को रखा गया है। शहरी क्षेत्रों में 666 बस्तियां हैं।