स्कूल परिसर में कुत्तों का आतंक, बच्चों व शिक्षिकाओं पर हमले पर हाईकोर्ट ने मांगा स्कूल शिक्षा सचिव से शपथ पत्र के साथ जवाब
बिलासपुर। स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों के बढ़ते खतरे को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूल परिसर में एक छात्र और दो शिक्षिकाओं को आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाओं के अलावा अन्य पशुओं के स्कूल परिसर में घुसने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से जवाब तलब किया है और व्यक्तिगत शपथ पत्र मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बैंच ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच इन सभी मामलों पर एक साथ 9 जनवरी को सुनवाई करेगी।
पूर्व में बिलासपुर के खमतराई स्थित प्राथमिक विद्यालय में आवारा कुट्टी स्कूल परिसर में घुस आए थे। कुत्तों ने पहले एक छात्र को काट लिया। छात्र को बचाने आईं दो शिक्षिकाओं पर भी कुत्तों ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना की मीडिया रिपोर्ट को हाईकोर्ट ने संज्ञान में लिया था।
शिक्षा सचिव से व्यक्तिगत शपथ पत्र में जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब देने का आदेश दिया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि स्कूल परिसरों में इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव को भी पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों के पालन को लेकर नया शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
सकरी व तिफरा स्कूल की घटनाओं पर फिर संज्ञान
इस मामले में सोमवार को सुनवाई के बाद मंगलवार को सकरी स्थित एक स्कूल में कुत्ते द्वारा एक छात्रा को काटे जाने की घटना सामने आई। इसके अलावा उसी बस्ती में दो अन्य बच्चों को भी कुत्तों ने काट लिया। वहीं तिफरा स्कूल में आवारा सांड और अन्य जानवरों के स्कूल परिसर में घूमने की खबरें भी प्रकाशित हुईं। बुधवार को इन ताजा घटनाओं को भी हाईकोर्ट की खंडपीठ ने संज्ञान में लेते हुए पहले से चल रही जनहित याचिका के साथ ही इन मामलों की सुनवाई करने का निर्णय लिया है।