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रायगढ़ हिंसा: महिला आरक्षक के साथ अमानवीय व्यवहार, मुख्य आरोपी की जमानत खारिज

court

रायगढ़। रायगढ़ के तमनार में जिंदल कोल ब्लॉक के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध करने के दौरान 27 दिसंबर को सुरक्षा के लिए लगी महिला पुलिसकर्मी के साथ अमानवीयता करते हुए मारपीट करने और कपड़े फाड़ने के मामले में मुख्य आरोपी चित्रसेन साव की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष न्यायाधीश शोभना कोष्ठा ने खारिज कर दी। सोमवार को इस मामले में मुख्य आरोपी की जमानत मामले में सुनवाई हुई। वहीं केस दूसरे जिले में ट्रांसफर करने की मांग पर सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

तमनार में 27 दिसंबर को ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेकाबू हो गया और एक महिला पुलिस कर्मी को अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा। इसका वीडियो घटना के चार दिन बाद प्रसारित होने के बाद पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 67 ए सहित बीएनएस को धारा 109 (1), 115 (2), 122, 221, 296, 309, 351 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस मामले के मुख्य आरोपित ग्राम झरना निवासी चित्रसेन साव ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका लगाई थी। इस दौरान पीडित महिला आरक्षक ने कोर्ट पहुंच कर जमानत याचिका पर आपत्ति पेश करते हुए विरोध किया। जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद जमानत निरस्त कर दी गई।

अभियुक्त के जमानत प्रकरण में सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता राजीव कालिया ने अभियुक्त चित्रसेन साव के कान में आए चोट पर सवाल उठाया है। जिसमें मारपीट से चोट आने की बात कही गई। जिस पर न्यायालय द्वारा कान में आए चोट का डाक्टरी परीक्षण करने का आदेश दिया है।

केस ट्रांसफर की मांग:–

अभियुक्त चित्रसेन साव की जमानत याचिका के दौरान अधिवक्ता ने कोर्ट में कई आवेदन दिए है। इसमें उनके द्वारा बताया गया कि प्रार्थियां एवं अन्वेषण करने वाली स्वयं पुलिस है। ऐसे में जांच हितबद्ध हो सकता है। कानून का दुरुपयोग होने की संभावना जताई गई और केस को पड़ोसी जिले सारंगढ़ में स्थानांतरित करने की मांग किया गया है, अभियुक्त के अधिवक्ता के अनुसार इसके लिए 15 जनवरी को सुनवाई होगी।