गणेश शंकर मिश्रा बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष, लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ कई जिलों और विभागों में रहे सेवा में….
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने पूर्व आईएएस गणेश शंकर मिश्रा को नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया है। चीफ सिकरेट्री अमिताभ जैन के रिटायर होने के बाद यह पद खाली था। हालांकि, पूर्व चीफ सिकरेट्री अजय सिंह नीति आयोग के पूर्णकालिक उपाध्यक्ष रहे। मगर बाद में उनके राज्य निर्वाचन आयुक्त बन जाने से चीफ सिकरेट्री अमिताभ जैन इस आयोग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
रायपुर के रहने वाले गणेश शंकर मिश्रा राजनांदगांव, बस्तर समेत कई जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं। वे लंबे समय तक मंत्रालय में विभिन्न विभागों के सचिव रहे। वे जनसंपर्क आयुक्त के साथ सचिव जनसंपर्क भी रहे। 2017 में रिटायर होने के बाद रमन सरकार ने उन्हें राज्य सहकारी निर्वाचन कमिश्नर बनाया था। लेकिन भूपेश बघेल की सरकार आने के बाद उन्हें इस पद से हटाकार सुनील कुजूर को सहकारी निर्वाचन आयुक्त बनाया दिया गया।
मुख्य सचिव के समकक्ष है उपाध्यक्ष का पद
छत्तीसगढ़ बनने के बाद प्रभावशाली आईएफएस अधिकारी डीएन तिवारी योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे। बाद में इसका नाम बदलकर नीति आयोग हो गया। रिटायर चीफ सिकरेट्री सुनिल कुमार भी नीति आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। नीति आयोग का पद मुख्य सचिव के समकक्ष माना जाता है। छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में रिटायर चीफ सिकरेट्री को इस पद पर बिठाया गया है। नीति आयोग का इम्पॉर्टेंस इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि मुख्यमंत्री नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष होते हैं। गणेश शंकर मिश्रा रिजल्ट देने वाले आईएएस माने जाते थे। वे जिस भी पद पर रहे, कुछ नया करने का उन्होंने प्रयास किया। इसलिए, विष्णुदेव साय सरकार ने उनके काम को देखते उन्हें नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाने का फैसला किया है।
