बाजार में बिक रहे पानी को लेकर प्रशासन का कड़ा अभियान, सैकड़ों अमानक पाउच किए जब्त—उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह

pani pouch

रायपुर| होटलों और मार्केट में जो सीलबंद पानी और पाउच खरीद कर आप पी रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को लेकर सजग और सावधान रहने की जरूरत है। बीते दिनों नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार गर्मी के मौसम में पानी पाउच, कोल्डड्रिक, मिनरल वाटर और आइसक्रीम के गुणवत्ता की जांच के लिए 19 से 22 मार्च तक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अनेक प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान अमानक पानी के पाउच जब्त किए गए।

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में चलाए गए अभियान के तहत अभिहित अधिकारी अपर्णा आर्या के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी भारती शांडिल्य ने काव्या फूड बेवरेज से पानी की बोतल का नमूना और शीतला प्रोडक्ट इंडस्ट्रीज से पानी पाउच का नमूना संग्रहित किया।

निरीक्षण के दौरान शीतला प्रोडक्ड इंडस्ट्रीज में पानी पाउच के लेबल पर मिथ्या एवं भ्रामक पता, बैच नम्बर एवं मैन्यूफैक्चरिंग डेट नियमानुसार नहीं पाया गया। इस पर कार्यवाई करते हुए मौके पर ही 150 बोरी पानी पाउच जप्त किया गया।

धमतरी शहर में बस स्टैंड के पीछे स्थित एक केटरिंग में पवित्र जल नाम से पैकेज्ड पानी पाउच का निर्माण किया जा रहा था। यहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पहुंचकर गुणवत्ता की जांच कर नमूना संकलित किया।

इस दौरान विनिर्मित पानी पाउच की 30 बोरियां एवं पैकेजिंग मशीन को जब्त किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा ने बताया कि यहां गुणवत्ता जांच के लिए नमूना संकलित किया गया। इस दौरान मौके से विनिर्मित पानी पाउच के 30 बोरियों को जब्त किया गया है साथ ही पैकेजिंग मशीन को भी जब्त किया गया है। पवित्र जल का विनिर्माण यूनिट के एफएसएसएआई पंजीयन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कारोबारियों से अपील की कि वे एफएसएसएआई लाइसेंस लेकर और मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए ही खाद्य पदार्थ तैयार करें। आम नागरिकों से कहा कि लेबल, फर्म का पता, अनुज्ञप्ति संख्या, कस्टमर केयर नंबर, निर्माण और अवसान तिथि देखकर ही खाद्य सामग्री खरीदे।

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