14 साल पुराने मर्डर केस में बड़ा फैसला, पत्नी ने करवाई सुपारी किलिंग—अब मिली सजा

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गौरेला पेंड्रा मरवाही। पेंड्रा रोड के द्वितीय अपर सत्र जज के कोर्ट में एक हैरतअंगेज मामले में फैसला सुना दिया गया है। हत्याकांड 14 बरस पहले हुआ था। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने जमीन विवाद में हत्या की साजिश रचने वाली मुख्य आरोपी महिला मीराबाई को भी दोषी माना है। यह साबित होने पर आजीवन कैद की सजा सुना दी है। महिला ने 29 हजार रुपये की सुपारी देकर हत्या करवा दी थी।

अभियोजन डायरी के अनुसार यह घटना सितंबर 2012 की है। मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरी निवासी मीराबाई और उसके पति श्रवण सिंह का संजय सिंह से जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी विवाद के बीच एकाएक महिला मीराबाई ने संजय की हत्या की साजिश रच ली।

महिला ने इसके लिए तीन लोगों से 30 हजार रुपये में सौदा किया और फिर 29 हजार रुपये एडवांस में दे दिए थे। सौदा तय होते ही आठ सितंबर 2012 को आरोपियों ने संजय की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर लाश को ग्राम ऐठी के डबरी तालाब में ठिकाने लगा दिया। लाश बरामद होने के बाद की गई जांच में पता चला, मीराबाई ने सेवका सिंह, बबलू उर्फ जगनारायण और भोलू उर्फ भोला गोंड़ से मिलीभगत की थी, इन्हें ही हत्या की सुपारी दी थी।

मामले की सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने मीराबाई को आजीवन कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। हत्याकांड के तीनों आरोपियों को कोर्ट ने पहले ही सजा सुना दी गई थी। फैसले के साथ कोर्ट ने माना है, सुनवाई के दौरान सबूतों और बयानों से स्पष्ट हो गया है, महिला ने ही हत्या के लिए उकसाया और सुपारी दी।