भारतमाला भूमि घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: अभनपुर, रायपुर, धमतरी समेत 8 ठिकानों पर रेड, 67 लाख कैश और 37 किलो चांदी जब्त

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रायपुर। भारतमाला परियोजना भूमि घोटाला मामले में इडी ने रायपुर, अभनपुर, धमतरी समेत 8 ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान 66.9 लाख नगदी, 37.13 किलोग्राम चांदी, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किया गया। कार्रवाई को लेकर ईडी ने प्रेसनोट भी जारी किया है।

”प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने भारतमाला योजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की अवैध प्राप्ति के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य के अभनपुर, रायपुर, धमतारी और कुरुद में स्थित 8 परिसरों पर आज पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी अभियान के दौरान 66.9 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा, 37.13 किलोग्राम चांदी की ईंटें और अन्य चांदी की वस्तुएं, डिजिटल उपकरण और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी ने रायपुर स्थित एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा तत्कालीन एसडीओ (राजस्व), अभनपुर, रायपुर के निर्भय साहू और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की।

एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित आधिकारिक भूमि अभिलेखों में हेराफेरी और हेरफेर करके आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिली भगत से अवैध मुआवजा प्राप्त किया था।

ईडी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ लोक सेवकों और अन्य व्यक्तियों के साथ आपराधिक साजिश रचकर, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत एनएचएआई, रायपुर द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भी जानबूझकर भूमि का स्वामित्व हस्तांतरित करके और धारा 3डी के तहत अधिसूचना जारी होने से पहले कई छोटे-छोटे भू-जोत बनाकर धोखाधड़ी से अधिक मुआवजा प्राप्त किया था।

यह भी पता चला कि संशोधित/हेरफेर किए गए खसरा अभिलेखों के आधार पर मुआवजा स्वीकृत और वितरित किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप मुआवजे की राशि बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई। इस प्रकार प्राप्त अतिरिक्त मुआवजा अपराध की आय है, जिससे सरकारी खजाने को अनुचित नुकसान हुआ है और आरोपी व्यक्तियों को तदनुसार गैरकानूनी लाभ हुआ है। आगे की जांच जारी है।

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