पानी में डूबने से बेटे की मौत के बाद मां ने मांगी आर्थिक सहायता, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को दिए अहम निर्देश
बिलासपुर। बेटे की पानी में डूबने से मौत के बाद आर्थिक सहायता नहीं मिलने पर एक मां को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। मामले में सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया है, याचिकाकर्ता का आवेदन प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर नियमानुसार निर्णय ले।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर के डीपूपारा निवासी प्रभा तिर्की ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया, उनके पुत्र की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद उन्होंने राजस्व पुस्तक परिपत्र RBC के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए 28 अक्टूबर 2025 को तहसीलदार कार्यालय में आवेदन दिया था। आवेदन के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया था। इसके बाद भी उसके प्रकरण में अधिकारियों ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की।
याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अफसर ने कोर्ट को बताया, मुआवजा के संबंध में संबंधित कार्यालय में ऐसा कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साफ हो, याचिकाकर्ता ने मुआवजा के लिए आवेदन पेश किया हो। राज्य शासन की ओर से कोर्ट से कहा, याचिकाकर्ता आवेदन पेश करे, जिस पर सक्षम अधिकारी द्वारा विधि अनुरुप कार्रवाई की जाएगी।
मामले की सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता के बेटे की मौत डूबने से हुई है, ऐसे मामलों में आरबीसी के तहत सहायता राशि देने का प्रावधान है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 15 दिनों के भीतर नया आवेदन संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने कहा है। हाई कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देशित किया है, याचिकाकर्ता द्वारा आवेदन पेश करने के 45 दिनों के भीतर नियमानुसार निर्णय ले।