करोड़ों के गैस कैप्सूल घोटाले का पर्दाफाश, थाने से माल गायब, जिला खाद्य अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार

mahasamund - 10
महासमुंद| छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी गैस चोरी के एक बड़े सिंडिकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि गैस एजेंसी संचालकों और पेट्रोकेमिकल कंपनी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की गैस चोरी की साजिश रची गई थी।
पुलिस के मुताबिक, पिछले महीने महासमुंद से 6 एलपीजी कैप्सूल गायब होने की सूचना मिली थी। ये कैप्सूल दिसंबर 2025 में जब्त किए गए थे और सिंघोड़ा थाना परिसर में रखे गए थे। आरोपियों ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर कैप्सूलों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बनाई और इसी आड़ में बड़े पैमाने पर गैस चोरी की साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर ली।

जांच में खुलासा हुआ कि जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर और रायपुर की ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी से जुड़े लोगों के साथ मिलकर करीब 102 टन एलपीजी गैस गायब करने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, 26 मार्च की आधी रात सिंघोड़ा थाने से चोरी-छिपे गैस कैप्सूल हटाने की कोशिश की गई थी।

पुलिस ने बताया कि इस पूरे सौदे की डील करीब 80 लाख रुपये में तय हुई थी। आरोप है कि इसमें से 50 लाख रुपये नकद जिला खाद्य अधिकारी के घर तक पहुंचाए गए थे। मामले में दस्तावेजों में हेराफेरी कर फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने की भी जानकारी सामने आई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन और लाखों रुपये के घरेलू उपकरण बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।