दुर्घटना और बीमा क्लेम पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, खुद की गलती से हादसा होने पर नहीं मिलेगा मुआवजा

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बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने सड़क हादसे में मृत युवक के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को 6 प्रतिशत ब्याज के साथ अतिरिक्त 50 हजार रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है, मृतक स्वयं वाहन चला रहा था और हादसा उसकी लापरवाही व वाहन में तकनीकी खराबी के कारण हुआ था। इसलिए मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 166 के तहत सामान्य क्लेम याचिका पूरी तरह मान्य नहीं होगी।

दुर्घटना दावा की सुनवाई के बाद अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण प्रतापपुर ने मृतक के परिजन को 50 हजार रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया था। मृतक आशीष पटेल ने अधिकरण के फैसले को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। दायर याचिका में उसने मुआवजा राशि में बढ़ोतरी की मांग की थी।

याचिका की सुनवाई जस्टिस संजय के. अग्रवाल के सिंगल बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा, यदि वाहन चालक खुद ही हादसे के लिए जिम्मेदार है, दुर्घटना में किसी अन्य वाहन की भूमिका नही है, तो ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी, सामान्य मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं है। काेर्ट ने कहा, हालांकि बीमा पॉलिसी में पर्सनल एक्सीडेंट कवर के तहत एक लाख रुपये का बीमा सुरक्षा कवर था। लिहाजा मृतक के परिजन को एक लाख रुपये मुआवजा का अधिकार है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है,

अधिकरण के फैसले के तहत मृतक के परिजन को 50 हजार रुपऐ मुआवजा का भुगतान कर दिया गया है, लिहाजा मृतक के परिवार को 50 रुपये का भुगतान किया जाए। सिंगल बेंच ने बीमा कंपनी को मृतक के परिजन को 6 फीसदी ब्याज के साथ 50 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का निर्देश दिया है। इसके लिए कोर्ट ने एक महीने की डेडलाइन तय कर दिया है।