प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर प्रशासन का शिकंजा, 25 कंपनियों से वसूले जाएंगे 79 लाख रुपये…

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रायगढ़| छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वायु प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। मंडल ने दावा किया है कि जिले की वायु गुणवत्ता फिलहाल ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी के बीच बनी हुई है। वहीं पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इस साल अब तक 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपए से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है।

रायगढ़ जिले में प्रदूषण की निगरानी के लिए 4 सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (CAAQMS) स्थापित की गई हैं। ये केंद्र खनन प्रभावित क्षेत्रों कुंजेमुरा, मिलुपारा (तमनार), छाल (धरमजयगढ़) और औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा में संचालित हैं। इसके अलावा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत रायगढ़ शहर और ओपी जिंदल औद्योगिक पार्क क्षेत्र में नियमित मैन्युअल मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने साफ किया है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है। प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले 8 उद्योगों पर 3.22 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। फ्लाई ऐश प्रबंधन और परिवहन नियमों का पालन नहीं करने वाले 17 उद्योगों पर 76.20 लाख रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई।

इस तरह कुल 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपए से अधिक की कार्रवाई की गई है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल और राखड़ की समस्या को रोकने के लिए मंडल ने सख्त SOP लागू किया है। इसके तहत औद्योगिक सामग्री और फ्लाई ऐश के परिवहन में डस्ट कंट्रोल उपाय अनिवार्य किए गए हैं। फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक निपटान और निगरानी के लिए IWMMS पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए राखड़ के उठाव से लेकर अंतिम निपटान तक हर गतिविधि की डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है।

क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक रायगढ़ में प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ने की आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की वायु गुणवत्ता नियंत्रित और स्थिर बनी हुई है। मंडल ने कहा है कि उद्योगों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।