पर्यटकों के लिए शानदार सौगात: नया रायपुर जंगल सफारी में इलेक्ट्रिक सफारी और बोटिंग की शुरुआत, जानिए क्या होगा खास
रायपुर| छत्तीसगढ़ में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नया रायपुर स्थित नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों और नई बोटिंग सेवाओं का भव्य शुभारंभ किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज हरी झंडी दिखाकर इन पर्यावरण-हितैषी सुविधाओं को आम जनता के लिए समर्पित किया।
यह शुरुआत छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक मानचित्र पर आधुनिक और ग्रीन टूरिज्म के रूप में स्थापित करेगी। जंगल सफारी में शत-प्रतिशत इको-फ्रेंडली वाहनों के चलने से जहां वन्यजीवों को ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी, वहीं स्थानीय स्तर पर महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
अत्याधुनिक सुविधाएं और राजस्व मॉडल
वन विभाग ने इस बार एक बड़ा प्रशासनिक नवाचार करते हुए पहली बार राजस्व साझेदारी (Revenue Sharing) मॉडल को लागू किया है। इसके तहत सरकारी खजाने पर बिना कोई बोझ डाले, निजी कंपनियों के सहयोग से 7 नई इलेक्ट्रिक बसें और 5 इलेक्ट्रिक जिप्सी सफारी के बेड़े में शामिल की गई हैं। इसके अलावा, पर्यटकों के लिए पहली बार तालाब में पॉटून बोट और पारंपरिक बांस राफ्ट्स (नाव) की सैर शुरू की गई है, जिसका विस्तार भविष्य में कायक और वाटर साइकिल के रूप में किया जाएगा।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक श्री इंद्र कुमार साहू और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। परिसर में छत्तीसगढ़ की हस्तशिल्प और बस्तर आर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष शोवेनियर शॉप भी खोली गई है।
नए वाहन: पर्यटकों के लिए 7 इलेक्ट्रिक बसें और 5 इलेक्ट्रिक जिप्सी बेड़े में शामिल।
नया आकर्षण: जल पर्यटन के लिए पॉटून बोट, बांस राफ्ट्स और बस्तर आर्ट शोवेनियर शॉप।
रोजगार सृजन: इस परियोजना से सीधे तौर पर 15 से 20 स्थानीय युवाओं और महिलाओं को सीधा रोजगार।
नवाचार: वन विभाग द्वारा पहली बार पीपीपी तर्ज पर राजस्व साझेदारी मॉडल लागू।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले कुछ ही महीनों में यहाँ वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के तहत कायक और वाटर साइकिल की सुविधाएं भी जोड़ दी जाएंगी। राजस्व साझेदारी मॉडल के सफल होने पर प्रदेश के अन्य राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों में भी इसी तर्ज पर शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन शुरू करने की योजना है।