फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी: जनगणना अधिकारी बनकर पुलिस ने 300 किमी पीछा कर चोरों के सरदार को दबोचा

GIRAFTAR

दुर्ग। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, चंदीगढ़ के विभिन्न जिलों में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोरों के सरदार को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली में 15 दिनों तक कैंप किया। पुलिस को जब आरोपी के संबंध में जानकारी मिली तो जनगणना अधिकारी बनकर आरोपी नासीर हुसैन के छिपने वाले स्थान पहुंची और घर-घर जाकर जानकारी जुटाई। पुलिस के आने की भनक मिलते ही आरोपी कार में सवार होकर बिहार भाग रहा था, जिसका यमुना एक्सप्रेस-वे पर 300 किलोमीटर तक पीछा कर दबोचा गया। आरोपी के कब्जे से 20 लाख की संपत्ति जब्त की गई।

दरअसल, मई माह में नेहरू नगर, भिलाई थाना, सुपेला, पदमनाभपुर में हुई चोरियों का खुलासा किया गया था। दुर्ग पुलिस ने दिल्ली, मेरठ के अन्तराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपी हासिम खान निवासी शालीमार गाईन मेरठ (उप्र) को 17 मई को गिरफ्तार किया था। आरोपी के साथ चोरी का जेवर खरीदने वाले ज्वेलरी शाप संचालक सलीम खान निवासी मेरठ को भी पकड़ा गया था।

आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 60 लाख का सोना बरामद किया गया था। घटना में शामिल फरार आरोपी कुख्यात व शातिर आरोपी नासिर हुसैन निवासी शाहीनबाग दिल्ली की तलाश की जा रही थी।

इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि शाहीन बाग व मदनपुर खादर, नोएड़ा क्षेत्र जैसे घनी आबादी, संकरी गलियों तथा बहुमंजिला फ्लैटों वाले क्षेत्रों में लगातार ठिकाना बदलकर छिपा रहा था। इस जानकारी के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल विशेष टीम का गठन कर दिल्ली रवाना किया।

पुलिस टीम ने पेशेवर व गोपनीय तरीके से क्षेत्र में 15 दिनों तक कैंप किया। पुलिस के सिविल स्टाफ ने स्थानीय लोगों के बीच घुल-मिलकर बकरा विक्रेताओं के साथ रहकर व बकरा विक्रेता के साथ कई दिनों तक क्षेत्र में सक्रिय रहकर संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों की जानकारी जुटाई

इस दौरान टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों को चिन्हित किया। इधर, आरोपी के बार-बार ठिकाना बदलने की वजह से पुलिस को उसे खोजने में दिक्कत आ रही थी। पुलिस टीम ने क्षेत्र में चल रहे जनगणना कार्य की आड़ लेकर जनगणना अधिकारी के वेश में घर-घर जाकर आरोपी नासीर हुसैन के ठहरने व आवागमन की जानकारी जुटाई। यह अभियान लगातार एक सप्ताह तक चला।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नासिर हुसैन चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बेचकर खरीदी गई कार से बिहार के दरभंगा भाग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर तेज गति लगभग 150-160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भाग रहे आरोपी को लगभग 300 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी को आगरा रोड क्षेत्र में हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में आरोपी नासिर हुसैन अपने अन्य साथियों के साथ वर्ष 2019 से मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़ तथा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग एवं भिलाई क्षेत्रों में करोड़ो रुपये की चोरी की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि चोरी किए गए सोने-चांदी एवं नगदी रकम से लगभग 10 लाख की एक सेकंड हैंड किआ कंपनी की कार क्रमांक डीएल-4सी/एजेड 7383 खरीदी थी, जिसका उपयोग वह लगातार कर रहा था। इसके अतिरिक्त आरोपी की निशानदेही पर डायमंड नेकलेस, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के नए कपड़े व साड़ियां, नगदी रकम अन्य सामग्री बरामद की गई। कुल मिलाकर लगभग 20,00,000 मूल्य की संपत्ति जब्त की गई।

गिरफ्तार आरोपी

मोह० नासीर हुसैन उर्फ आनस खान पिता मोह० आरीफ उम्म्र 32 साल पता बी-42 गली नंबर 5 जी एफ मदनपुर खादर थाना कालीनिव्री कुंज सरिता विहार साउथ दिल्ली एवं मकान नंबर सी 276 सेकण्ड फ्लोर बड़ी मस्जिद के पास शाहिन बाग थाना शाहिन बाग साउथ नई दिल्ली, ग्राम तिलकपुर वाई क्रमांक 22 थाना तिलकेश्वर जिला दरभंगा बिहार

जब्त सामग्री

1. नगदी रकम 1,22,000 एक लाख बाईस हजार

2. डायमंड का ब्रेसलेट (एक नग) कीमती 7,00,000 सात लाख रू०

3. अमेरिकन डायमंड 50,000 पच्चास हजार रू०

4. सोने का आभूषण 7.500 ग्राम सोना

5. चांदी के सिक्के एवं आभूषण 5.60 ग्राम

6. नये कपड़े 3,00,000/- रू तीन लाख रू०

7. किया (सेलटास) कंपनी की कार क्रमांक डीएल-4सी-एजेड-7383 कीमती 8,00,000/-रू० आठ लाख कुल कीमती लगभग 20,00,000/- रू० (बीस लाख रू०)

 

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