साइबर ठगों का बड़ा खेल: बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 1.04 करोड़, पिता-पुत्र दबोचे गए

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बिलासपुर। आतंकवादी संगठन से संलिप्तता का भय दिखाकर पिता-पुत्र ने बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर, अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए जमा करा लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

साइबर अपराधी पिता पुत्र ने एक बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज व वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर डराया धमकाया । पीडि़ता को लगातार मानसिक दबाव व भय में रखकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया । पीडि़ता की शिकायत पर रेंज साइबर बिलासपुर में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस आईटी एक्ट के तहत विवेचना प्रारंभ की।

तकनीकी जांच व बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान यह पाया, आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में साइबर ठगी की कुल 54 लाख 40 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर निरीक्षक कामिल हक के नेतृत्व में रेंज साइबर थाना की टीम गठित कर महाराष्ट्र रवाना किया गया।

साइबर पुलिस टीम द्वारा आरोपी नेमतउल्लाह मंसूरी (25) और अब्दुल कयूम अंसारी (47) को उसके निवास स्थान गांधी वार्ड, वरठी जिला भंडारा (महाराष्ट्र्र) से अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया, उसने 2 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करने के लालच में अपना बैंक खाता अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। उक्त खाते का उपयोग शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में किया जा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया है, आरोपी नेपाल के काठमांडू जाकर अपना बैंक खाता अन्य आरोपियों को उपलब्ध कराता था। आरोपी का पिता अब्दुल कयूम अंसारी भी इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया गया, जो कमीशन के लिए मुख्य आरोपियों से मोबाइल के माध्यम से संपर्क में था। प्रकरण में अन्य संलिप्त आरोपियों व पूरे साइबर नेटवर्क की तलाश तकनीकी माध्यमों से जारी है।

आरोपियों द्वारा ठगी के लिए प्रयुक्त 900 अलग-अलग बैंक खातों का पता चला है। इन सभी खातों में कुल मिलाकर अलग-अलग अमाउंट की राशि कुल 30 लाख रुपए जमा है,जिसे होल्ड करवाया गया है।

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