त्विषा शर्मा केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, ससुर के घर से मिले चौंकाने वाले सबूत, पति की बढ़ीं मुश्किलें
Twiisha Sharma Case CBI: मशहूर मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की मौत का मामला अब पूरी तरह से पलट गया है। दिल्ली से उड़कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की स्पेशल क्राइम यूनिट सीधे भोपाल पहुंच चुकी है।
आते ही CBI ने भोपाल पुलिस की पुरानी FIR को अपने हाथ में ले लिया है। अब त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। दिल्ली की टीम ने भोपाल पुलिस से केस डायरी, मेडिकल पर्चे और सारे गवाहों के बयान अपने कब्जे में ले लिए हैं।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि भोपाल के पॉश इलाके में बने त्विषा के ससुराल में सन्नाटा पसरा हुआ है। CBI की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अब नए सिरे से सुराग ढूंढ रही है। पुलिस ने पहले पति समर्थ से करीब 10 घंटे पूछताछ की थी। समर्थ ने पुलिस के सामने दावा किया था कि उनके बीच केवल आम पति-पत्नी वाले झगड़े होते थे, कोई मारपीट नहीं होती थी। लेकिन त्विषा के परिवार का आरोप है कि शादी के पांच महीने के भीतर ही उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया जाने लगा था।
जांच में सबसे बड़ा मोड़ त्विषा की प्रेग्नेंसी और गर्भपात को लेकर आया है। समर्थ का कहना है कि त्विषा खुद बच्चा नहीं चाहती थी और डॉक्टर की सलाह पर ही गर्भपात हुआ था। लेकिन कहानी में ट्विस्ट त्विषा के मोबाइल से मिलता है। त्विषा के पुराने मैसेजेस से पता चलता है कि समर्थ उसकी प्रेग्नेंसी पर शक करता था। मायके वालों का आरोप है कि जबरन दी जा रही दवाओं के कारण त्विषा का वजन महज कुछ महीनों में 15 किलो कम हो गया था।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा शक समर्थ के मोबाइल फोन ने पैदा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि समर्थ ने त्विषा और उसके घरवालों के साथ हुई वॉट्सऐप चैट को जानबूझकर डिलीट कर दिया था। अब साइबर एक्सपर्ट्स इस डेटा को रिकवर करने में जुटे हैं। इसके साथ ही समर्थ की मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की भूमिका पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि वो हमेशा त्विषा को ही गलत ठहराती थीं और उसे नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया गया था।