गैस एजेंसी की मनमानी उजागर: कार्ड में 3 सिलेंडर, ऐप में 10 की डिलीवरी दिखाकर किया फर्जीवाड़ा

gas cylinder

बिलासपुर। अमेरिका,ईरान और इजरायल युद्ध के बीच गहराते पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस संकट के बीच अब एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और फर्जीवाड़ा सामने आने लगा है। इसी तरह के एक मामले में पुलिस ने एजेंसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।

छत्तीसगढ बिलासपुर में गैस सिलेंडर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर उपभोक्ताओं के नाम पर धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला सामने आया है। विनोद गैस एजेंसी BPCL के संचालक ने उपभोक्ता को बिना सिलेंडर दिए ही मोबाइल ऐप पर उसकी डिलीवरी और कैश पेमेंट एंट्री कर दिया। जब उपभोक्ता ने अपने स्तर पर जांच की, तो पता चला, उसके नाम पर अब तक 10 बार फर्जी तरीके से सिलेंडर निकाले जा चुके हैं। जबकि, उसे केवल तीन सिलेंडर ही मिले है। शिकायत पर पुलिस ने एजेंसी संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है।

तोरवा के शांति विहार निवासी मनीष मिश्रा का भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में घरेलू गैस कनेक्शन है। मनीष ने बीते 12 मार्च 2026 को अपने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग की थी। कई दिन बीत जाने के बाद भी जब सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचा, तब उसने भारत गैस के ऑफिशियल मोबाइल ऐप पर अपनी बुकिंग का स्टेटस देखा। स्टेटस देखकर वह हैरान रह गया। ऐप के अनुसार 18 मार्च 2026 को एजेंसी से सिलेंडर डिलीवर्ड हो चुका है और 1002 रुपए का भुगतान (कैश ऑन डिलीवरी) भी प्राप्त हो होना दिखा रहा है। हकीकत ये, मनीष को सिलेंडर की आपूर्ति एजेंसी से की ही नहीं गई थी।

मनीष मिश्रा ने जब अपने गैस ग्राहक कार्ड और मोबाइल ऐप के रिकॉर्ड का मिलान किया, तो एक बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुल गईं। नियमानुसार गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उसे कार्ड में दर्ज करना अनिवार्य होता है। मनीष के गैस कार्ड में केवल तीन डिलीवरी दर्ज है, जो 12 अगस्त 2025, 3 नवंबर 2025 और 25 फरवरी 2026 को ली गई थीं। मोबाइल ऐप की हिस्ट्री में अलग-अलग तारीखों में लगभग 10 बार गैस सिलेंडर की डिलीवरी होना दर्शाया गया था। यानी करीब 7 गैस सिलेंडरों को कूटरचित तरीके से मनीष के नाम पर फर्जी डिलीवरी दिखाकर बाजार में खपाया गया या उसका दुरुपयोग किया गया।