वक्फ बोर्ड के प्रतिबंधात्मक आदेश को झटका, हाईकोर्ट ने डीजे-धुमाल बैन पर लगाई रोक
बिलासपुर| छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने वक्फ बोर्ड द्वारा जारी उस विवादित आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें प्रदेशभर की दरगाहों, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों में डीजे, धुमाल, आतिशबाजी तथा नाच-गाने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे।
मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. प्रसाद की एकलपीठ में हुई। सूफी इस्लामिक बोर्ड की ओर से दायर याचिका में वक्फ बोर्ड के आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि बोर्ड ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह फरमान जारी किया है।
याचिकाकर्ता फिरोज शाह अहमद की ओर से अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत में पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि वक्फ बोर्ड को धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार का प्रतिबंध लगाने का कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रथम दृष्टया इन तर्कों को विचारणीय माना और आदेश के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी।
गौरतलब है कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि जिन स्थानों पर उर्स और अन्य आयोजन होते हैं, वे वक्फ संपत्तियां हैं। इसी आधार पर डीजे, धुमाल, आतिशबाजी और नाच-गाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश में उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने और संबंधित प्रबंधन समिति को भंग करने जैसी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया था।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद प्रदेशभर की दरगाहों और उर्स आयोजन समितियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि मामले में अंतिम फैसला अभी होना बाकी है और अदालत में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट इस विवादित आदेश पर क्या अंतिम रुख अपनाता है।