मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: आज भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
Weather Update : अगर आप आज छत्तीसगढ़ में कहीं भी घूमने या किसी जरूरी काम से बाहर जाने की प्लानिंग कर रहे है, तो आपके लिए यहां का मौसम जान लेना बहुत जरुरी है। 16 जुलाई यानी आज पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम के जानकारों ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि आज राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने के की संभावना है, साथ ही बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। एक्सपर्ट्स ने लोगों से हाथ जोड़कर अपील की है कि जब तक मौसम साफ न हो, खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
मौसम का यह बदला हुआ रूप सिर्फ आज के लिए नहीं है, बल्कि आने वाले कुछ दिनों तक यह आफत बनकर बरकरार रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो कल और परसों (17 और 18 जुलाई) भी कई जिलों में बादलों की भयंकर गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकेगी और पानी गिरेगा। इसके बाद 19 और 20 जुलाई को भी बादलों का डेरा जमा रहेगा और राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होती रहेगी। हालांकि, राहत की बात बस इतनी है कि आखिरी के दो दिनों में किसी बड़े नुकसान का खतरा नहीं जताया गया है।
पिछले कुछ दिनों से जो लोग पसीने और चिपचिपी उमस से बेहाल थे, उनके लिए आखिरकार एक बहुत अच्छी खबर आ गई है। लगातार होने वाली इस झमाझम बरसात की वजह से तापमान में तगड़ी गिरावट आने वाली है। अनुमान है कि अगले तीन दिनों के भीतर दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क जाएगा। राजधानी रायपुर समेत राज्य के बड़े शहरों में आज सुबह से ही घने काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर हो रही फुहारों ने मौसम को एकदम सुहावना और ठंडा बना दिया है।
अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि छत्तीसगढ़ में मानसून इतना उग्र हो गया? तो आपको बता दें कि इसके पीछे बंगाल की खाड़ी का हाथ है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा का एक बहुत मजबूत ‘निम्न दबाव का क्षेत्र’ (Low Pressure Area) बन चुका है। इसी सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ में ठंडी और नमी वाली हवाएं तेजी से आ रही हैं, जिसने सोए हुए मानसून को दोबारा जगा दिया है। उम्मीद है कि यह नया सिस्टम उन जिलों को भी तरबतर कर देगा जो अब तक सूखे पड़े थे।
अगर पिछले 24 घंटों की बात करें, तो राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें गिरी हैं। इस दौरान बिलासपुर जिला सबसे ज्यादा तप रहा था, जहां दिन का तापमान 35.6 डिग्री तक पहुंच गया था, जबकि रात में भी यहां का न्यूनतम पारा 24.2 डिग्री दर्ज हुआ। वैसे इस बारिश की छत्तीसगढ़ को बहुत सख्त जरूरत भी है, क्योंकि इस साल सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक राज्य में सामान्य से करीब 30 फीसदी कम पानी बरसा है। अब देखना यह है कि बंगाल की खाड़ी से उठा यह नया सिस्टम इस कमी को कितना पूरा कर पाता है।