ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारकर जनता का विश्वास जीता : मुख्यमंत्री साय

101

अविश्वास नहीं, जनता के विश्वास का अपमान है विपक्ष का प्रस्ताव : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विश्वास के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर विजय दिलाई और प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में भी भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया। ऐसे में विपक्ष का यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के निर्णय का ही अपमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष यह बताए कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है—क्या उन लगभग 25 लाख किसानों पर, जिन्हें भाजपा सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ दिया? क्या उन 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों पर, जिन्हें महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये की सम्मान राशि मिल रही है? या उन करोड़ों प्रदेशवासियों पर, जिन्होंने विकास, सुशासन और विश्वास की राजनीति को अपना समर्थन दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास पहले ही खो चुकी है। जनता ने पाँच वर्षों तक उनके शासन को परखा और सत्ता से बाहर कर दिया। आज वही कांग्रेस जनता द्वारा चुनी गई सरकार पर अविश्वास जताकर अपनी राजनीतिक हताशा और नैतिक पराजय का परिचय दे रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार का ढाई वर्षों का प्रत्येक दिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित रहा है। सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश प्रमुख वादों को पूरा किया है और विकास तथा सुशासन को प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए। लगभग 25 लाख किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई तथा दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 9,600 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर लगभग 19,500 हेक्टेयर प्रतिवर्ष हो गई है। केवल दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के साथ-साथ वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिली है। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग, प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अनेक सेवाएँ गाँव में ही उपलब्ध हो रही हैं। हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख महिलाओं को 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वामित्व दोनों मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही उनकी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के भरोसे और सरकार के कार्यों के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव स्वत: निरर्थक सिद्ध होगा। वित्तीय प्रबंधन पर कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था को कर्ज और वित्तीय अव्यवस्था की ओर धकेला। अनेक योजनाओं की घोषणा की गई, लेकिन उनके लिए बजट का प्रावधान तक नहीं किया गया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक कर, आबकारी, पंजीयन तथा खनिज राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार पर रोक, डिजिटल सुधार और पारदर्शी व्यवस्था के कारण राज्य की आय बढ़ी है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना विकास में किया जा रहा है। सरकार ने लंबित वित्तीय दायित्वों और राजकोषीय घाटे को भी नियंत्रित कर राज्य की वित्तीय साख को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं की राजनीति नहीं करती, बल्कि परिणाम देने में विश्वास रखती है। सेवा, सुशासन, पारदर्शिता और विकास ही सरकार की कार्यशैली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद और विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है तथा विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उसी विश्वास के सामने टिक नहीं पाएगा।

आदिवासी विकास से नक्सलवाद के खात्मे तक, हर मोर्चे पर बदला छत्तीसगढ़ का भविष्य : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार ने वर्षों तक आदिवासियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं और विकास से वंचित रखा। उनकी सरकार ने जनजातीय अंचलों में विश्वास, विकास और सुरक्षा—तीनों को साथ लेकर काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। पूर्व में बंद की गई चरणपादुका योजना को पुन: प्रारंभ किया गया। वनाधिकार पत्रधारकों के नामांतरण जैसी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर जनजातीय परिवारों को राहत दी गई। दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग (क्कस्ष्ट) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

रीसेंट पोस्ट्स