छत्तीसगढ़ में फिर बरसेगा मानसून का कहर: बिलासपुर-दुर्ग सहित कई शहरों में भारी वर्षा की चेतावनी

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Weather Update : छत्तीसगढ़ के आसमान में घने काले बादलों का डेरा लगा हुआ है और मानसून अपने पूरे शबाब पर है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई इलाकों में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा और कोरबा जैसे लगभग 12 जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर होने वाली इस बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं आम जनजीवन के प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।

रायपुर और आसपास के इलाकों में आज दिन भर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक शहर में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी और तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने शहरवासियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा, लगातार बारिश से शहर की निचली बस्तियों में पानी भरने की पूरी संभावना जताई गई है।

बिलासपुर संभाग में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। यहाँ मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे अति-भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं दूसरी ओर, दुर्ग जिले में भी मौसम का रुख कड़ा रहने वाला है। अगले 24 घंटों के दौरान दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे आम दिनचर्या पर बड़ा असर पड़ सकता है।

उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ अगले 5 दिनों तक घने बादलों के बीच हल्की से मध्यम वर्षा का दौर चलता रहेगा। दूसरी ओर, दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर, कोंडागांव और नारायणपुर में मानसून की मजबूत स्थिति के चलते ऑरेंज और यलो अलर्ट का मिलाजुला असर दिखेगा। अंदरूनी और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से स्थानीय नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई दूरस्थ इलाकों का संपर्क कटने का खतरा पैदा हो गया है।

खराब होते मौसम को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग (IMD) ने आम नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बारिश या आंधी-तूफान के वक्त खुले में, लोहे के खंभों के पास या ऊंचे पेड़ों के नीचे आश्रय बिल्कुल न लें। इसके अलावा जलभराव वाले रास्तों और उफनते नदी-नालों को पैदल या वाहनों से पार करने का दुस्साहस न करें। यात्रा पर निकलने से पहले अपने क्षेत्र के मौसम का ताजा हाल जांचना बेहद जरूरी है।