साइबर अपराधियों का नया तरीका! WhatsApp लिंक अपडेट करते ही खाते से उड़े 1.33 लाख रुपये

सरगुजा। साइबर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई को हड़पने के लिए नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। साइबर फ्रॉड के एक मामले में वाट्सएप लिंक के जरिए व्यापारी के बैंक अकाउंट से एक लाख 33 हजार रुपये उड़ा दिया। फ्रॉड ने व्यापारी के वाट्सएप पर यूनियन बैंक का लोगो लगाकर लिंक भेजा था।
उत्तर छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के चोपड़ापारा निवासी व्यापारी पूरन अग्रवाल के यूनियन बैंक के सीसी लिमिट खाते से साइबर ठगों ने एक लाख 33 हजार रुपये पार कर दिया है। ठगों ने यूनियन बैंक का लोगो लगाकर वाट्सएप पर लिंक भेजा। लिंक को अपडेट कराते ही रकम आइएमपीएस के जरिए पूरब अग्रवाल के खाते में ट्रांसफर हो गई। कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर के चोपड़ापारा निवासी व्यापारी पूरन अग्रवाल का यूनियन बैंक अंबिकापुर में क्रेडिट खाता है। पूरन अग्रवाल ने थाना कोतवाली में लिखित आवेदन दिया है, 10-15 दिनों से मोबाइल पर बैंक अपडेट का मैसेज आ रहा था। 20 जुलाई 2026 को रात करीब 7:30 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से वाट्सएप पर मैसेज आया। मैसेज में यूनियन बैंक का लोगो लगा था और अपडेट के लिए एक लिंक भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक कर अपडेट किया, वैसे ही खाते से 1 लाख 33 हजार रुपये कटने का मैसेज आ गया। मैसेज में लिखा था कि रकम पूरब अग्रवाल को आइएमपीएस के माध्यम से ट्रांसफर की गई है। पूरन अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया और न ही वे पूरब अग्रवाल को जानते हैं।
व्यापारी की शिकायत के बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उन मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है, जिससे लिंक भेजा गया था। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बैंक कभी भी वाट्सएप पर लिंक भेजकर खाता अपडेट नहीं कराता। किसी भी अनजान लिंक, ओटीपी या मैसेज पर क्लिक न करें। संदेह होने पर तुरंत बैंक शाखा या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।