SC का बड़ा फैसला: सट्टा किंग को मिली सशर्त बेल, जांच अधिकारी के समक्ष नियमित हाजिरी का आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सट्टा किंग रोहत पंजवानी को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। जमानत के दौरान हर दूसरे साेमवार को जांच अधिकारी के सामने सुबह 10 से 11 बजे के बीच हाजिरी लगानी होगी। शीर्ष अदालत ने यह भी शर्त जोड़ दी है, अगर जांच अधिकारी या संबंधित ट्रायल कोर्ट को लगता है कि आरोपी के आचरण के कारण जांच या मुकदमे में देरी हो रही है, तो कानून के अनुसार जमानत रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
जस्टिस संजय करोल एवं जस्टिस आर. महादेवन की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता ने पूर्व में दिए गए अंतरिम आदेश 25 मई 2026 की सभी शर्तों का पालन किया है। मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट को जानकारी दी गई, आरोपी ने न तो जांच में कोई बाधा पहुंचाई है, न ही गवाहों को प्रभावित करने या डराने-धमकाने का प्रयास किया है। पुलिस जांच में उसके पूर्ण सहयोग को देखते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है।
जांच पूरी होने तक आरोपी को हर दूसरे सोमवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
आरोपी या उसका पक्ष मामले की जांच या सुनवाई में बेवजह का विलंब नहीं मांगेगा।
जांच अधिकारी या संबंधित ट्रायल कोर्ट को लगता है कि आरोपी के आचरण के कारण जांच या मुकदमे में देरी हो रही है, तो कानून के अनुसार जमानत रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य एसएलपी पर सुनवाई के दौरान सह-आरोपी सागर चेतवानी के अधिवक्ता ने अपनी याचिका वापस लेने का अनुरोध किया।
छत्तीसगए़ बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज अपराध के सिलसिले में रोहित पंजवानी ने अग्रिम जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 1 मई 2026 को जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।