छत्तीसगढ़ में फिर बरसेंगे बादल: IMD ने इन जिलों के लिए जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

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Weather Update : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसूनी हवाओं ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों की सुस्ती के बाद अब प्रदेश भर में बारिश का दौर तेज होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां काफी सक्रिय रहेंगी। इसके प्रभाव से कई जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी, वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एक मजबूत मौसम तंत्र (Weather System) सक्रिय है। इस सिस्टम की वजह से छत्तीसगढ़ के वायुमंडल में लगातार भारी मात्रा में नमी पहुंच रही है। यही मुख्य कारण है कि अगले चार से पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 28 जुलाई को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका है। इसके बाद 29 और 30 जुलाई को भी बारिश की तीव्रता बनी रहेगी और खासकर मध्य व उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं महीने के आखिरी दिन यानी 31 जुलाई और अगस्त की शुरुआत (1 अगस्त) को भी मौसम से खास राहत मिलने के आसार नहीं हैं, और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ वज्रपात का सिलसिला जारी रहेगा।

लगातार हो रही बारिश और बादलों के डेरे के कारण अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों से लोग जिस चिपचिपी गर्मी और उमस से परेशान थे, इस बारिश के बाद उन्हें मौसम में आई ठंडक से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है।

• आंधी-तूफान या बिजली कड़कने के समय किसी भी हाल में खुले मैदानों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें।

• खराब मौसम के दौरान घर के बिजली उपकरणों को प्लग से निकाल दें और सुरक्षित पक्के मकानों में ही रहें।

• किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी काटी गई फसल या खुले में रखी कृषि सामग्री को तुरंत किसी सूखे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं, ताकि नुकसान से बचा जा सके।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) लगातार और ज्यादा मजबूत हो रहा है, जो अगले 24 घंटों में और गहरा हो सकता है। इसके अलावा, मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) भी इस समय मध्य भारत से होकर गुजर रही है। इन दोनों प्रणालियों का एक साथ असर होने के कारण छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवाह लगातार बना हुआ है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।

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