बारिश के साथ आफत! आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, 8 की मौत, 11 घायल…

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आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही : छत्तीसगढ़ में गरज चमक के साथ हो रही तेज बारिश ने जीवन में अस्त व्यस्त कर दिया है. नदी नाले उफान पर है. आवागमन प्रभावित हो गया है. कहीं सड़कें दिखना बंद हो गयी है तो कहीं नाले के ऊपर से पानी बह रहा है. तो बिजली गिरने से एक सप्ताह 8 लोगों की मौत हो गई.

जानकारी के मुताबिक़, बीते एक सप्ताह में आकाशीय बिजली करने अलग अलग हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है. कोरबा जिले में तीन किसानों, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक में 3 ग्रामीणों, सूरजपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक एक की मौत हुई है.

पहली घटना कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र की है. मृतकों की पहचान बहुरंन पाटले, लक्ष्मी चंद पटेल, श्याम साहू के रूप में हुई है. 25 जुलाई को सलोरा छुरी गांव में खेत में काम कर रहे. इसी बीच अचानक तेज बिजली कड़की और तीन किसानों पर गिर गई. बिजली की चपेट में आते ही तीनों किसान बुरी तरह से झुलसकर खेत में ही गिर गए. तीनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उपचार के दौरान तीनों के मौत की पुष्टि की.

दूसरी घटना 29 जुलाई को मनेंद्रगढ़ जिले के खड़गवां ब्लॉक के शिवपुर की है. जहां खेत में काम कर रहे 3 ग्रामीणों की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई, 5 लोग घायल हो गए. घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में इलाज जारी है.

तीसरी चौथी घटना- 29 जुलाई को सूरजपुर जिले के नमदगीरी गांव में खेत में काम कर रहे किसान विनय देवांगन (35) की बिजली गिरने से मौत हो गई. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई और जबकि 6 अन्य महिलाएं घायल हो गईं.

छत्तीसगढ़ में बारिश का यह नया दौर एक मजबूत वेदर सिस्टम के असर से शुरू हो रहा है. दरअसल, उत्तरी ओडिशा और उससे लगे पश्चिम बंगाल के तट पर एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र (Deep Depression Area) बना हुआ है. इस एक्टिव सिस्टम की वजह से नमी वाली हवाएं तेजी से छत्तीसगढ़ की ओर रुख कर रही हैं, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर और कई जगह तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा.

बारिश के इस चक्र में 29 जुलाई को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. राजधानी रायपुर समेत महासमुंद, बलौदाबाजार, दुर्ग और बेमेतरा जैसे मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बस्तर संभाग के नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर के साथ-साथ धमतरी, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा और जशपुर जैसे जिलों में भी 40 से 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश के आसार हैं.

महीने के आखिरी दिनों में भी मौसम के तेवर नर्म पड़ने के आसार नहीं हैं. 30 जुलाई को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. विशेषकर मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में दिनभर बादलों का डेरा रहेगा. मौसम विशेषज्ञों ने इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है, इसलिए खुले मैदानों या पेड़ के नीचे रुकने से बचने की सलाह दी गई है.

31 जुलाई तक आते-आते प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का जोर थोड़ा कम जरूर हो सकता है, लेकिन मानसूनी गतिविधि पूरी तरह नहीं थमेगी। छत्तीसगढ़ के उत्तरी और पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने वाला है। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और जशपुर के इलाकों में मानसून का असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं.

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के एक बड़े हिस्से को सतर्क रहने को कहा है. खास तौर पर रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बलौदाबाजार, महासमुंद, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, बिलासपुर, कोरबा, जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और कोरिया जिलों में तेज हवा, आकाशीय बिजली और भारी बारिश का असर सबसे अधिक देखा जा सकता है। वहीं, प्रशासन ने भी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है.