OTT के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, 22 लाख की ठगी में Catvision के MD-डायरेक्टर समेत 10 पर FIR दर्ज

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बिलासपुर। रायपुर में आधुनिक IPTV और OTT सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर एक नामी केबल नेटवर्क कंपनी के डायरेक्टर से 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कैटविजन लिमिटेड के अधिकारियों ने सेटअप और सर्विस शुरू करने का भरोसा दिलाकर रकम तो ले ली, लेकिन करीब चार साल बाद भी न तो पूरा सिस्टम लगाया और न ही सेवा शुरू की। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने कंपनी के MD, डायरेक्टर्स और अन्य अधिकारियों समेत 10 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दरअसल, कृष्णा राइस मिल, मुंगेली रोड निवासी अभिषेक अग्रवाल एक केबल नेटवर्क कंपनी के डायरेक्टर हैं। वे अपने ग्राहकों को मोबाइल फोन पर लाइव टीवी चैनल उपलब्ध कराने के लिए कैटविजन लिमिटेड से IPTV/OTT सर्विस लेने के लिए संपर्क में आए थे। कंपनी के प्रतिनिधियों ने उन्हें जल्द ही पूरा सेटअप तैयार कर सर्विस शुरू करने का भरोसा दिया।

इसके बाद परचेज ऑर्डर के आधार पर अभिषेक अग्रवाल ने कंपनी को अलग-अलग किस्तों में कुल 22 लाख रुपये का भुगतान किया। उन्होंने 26 अक्टूबर 2021 को 10 लाख रुपये, 16 मार्च 2022 को 10 लाख रुपये और 15 अक्टूबर 2022 को 2 लाख रुपये ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ट्रांसफर किए।

शिकायत के मुताबिक, रकम मिलने के बाद कंपनी की ओर से कंट्रोल रूम में कुछ उपकरण लगाए गए, लेकिन ये भी अधूरे थे और महज दिखावे तक सीमित रहे। इसके बाद करीब चार साल का समय बीत गया, लेकिन पूरा सेटअप तैयार नहीं किया गया और IPTV/OTT सर्विस भी शुरू नहीं हुई।

जब अभिषेक अग्रवाल ने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर अपनी रकम और सर्विस को लेकर जानकारी मांगी, तो आरोप है कि उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा। लंबे समय तक इंतजार के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर कैटविजन लिमिटेड के MD सैय्यद अतहर अब्बास, डायरेक्टर रमन राजीव मिश्रा, सुधीर दामोदरन, सुनील आनंद, जगदीश प्रसाद, मैनेजर मनोज सिंह, कंपनी सेक्रेटरी नीतीश नौटियाल, प्रतिनिधि अंकुर रस्तोगी, दिलीप दास और राजेश खैर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े दस्तावेजों व लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।

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