छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण, उम्र सीमा में भी 4 साल की छूट

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए पुलिस, वन और जेल विभाग की भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के नियमों को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में चार साल की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। हालांकि, इस सुविधा का लाभ केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही दिया जाएगा।
कैबिनेट के नए फैसले के मुताबिक, यह आरक्षण मुख्य रूप से तृतीय श्रेणी के पदों पर लागू होगा। पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
आरक्षण का लाभ उन्हीं युवाओं को मिलेगा, जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत थलसेना, नौसेना या वायुसेना में चार साल की सेवा पूरी की है। सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और भर्ती की अन्य आवश्यक शर्तें भी पूरी करनी होंगी। शैक्षणिक योग्यता में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 10 प्रतिशत आरक्षण और आयु सीमा में चार साल की छूट का लाभ केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को मिलेगा। अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके राज्य के युवा ही इस व्यवस्था के तहत पात्र होंगे।
वर्ष 2022 से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया गया है। अब तक करीब 3,200 युवाओं के अग्निवीर के रूप में चयन की जानकारी सामने आई है। बिलासपुर भर्ती रैली में 498, जांजगीर-चांपा में 876, रायगढ़ में 683 और धमतरी भर्ती रैली में 1,163 युवाओं का चयन हुआ था।
अग्निपथ योजना का पहला बैच वर्ष 2026 में चार साल की सेवा पूरी करेगा। इसके बाद ये युवा राज्य की सरकारी भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि पुलिस विभाग में 5,000 पदों पर भर्ती होती है, तो 10 प्रतिशत के हिसाब से करीब 500 पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगे।
सरकार के इस फैसले से चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को राज्य की सरकारी नौकरियों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और उनके भविष्य को लेकर रोजगार की संभावनाएं मजबूत होंगी।