तिल्दा दुष्कर्म और जानलेवा हमले के मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को मृत्यु पर्यंत आजीवन कारावास; पत्नी दोषमुक्त

रायपुर। तिल्दा क्षेत्र में कोरोना काल के दौरान महिला शिक्षिका से दुष्कर्म और जानलेवा हमले के चर्चित मामले में अदालत ने करीब छह साल बाद अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी बालकृष्ण जांगड़े को दोषी ठहराते हुए मृत्यु पर्यंत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी की पत्नी अंजना जांगड़े को अदालत ने सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। पत्नी को बरी किए जाने के फैसले से पीड़ित पक्ष असंतुष्ट है और अब हाईकोर्ट में इसे चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
मामला 15 मार्च 2021 का है। उस समय देश कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहा था। आरोप के मुताबिक, तिल्दा क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पिरदा निवासी बालकृष्ण जांगड़े ने महिला शिक्षिका को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने महिला पर जानलेवा हमला भी किया।
अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, घटना के समय बालकृष्ण जांगड़े रायपुर स्थित IDBI बैंक की शाखा में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसकी पत्नी अंजना जांगड़े कृषि विभाग में कृषि विस्तार अधिकारी थी। पीड़िता का पति भी कृषि विभाग में पदस्थ था और शासकीय कार्य के सिलसिले में अंजना जांगड़े से उसकी बातचीत होती थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर बालकृष्ण पीड़िता के पति से नाराज था।
पीड़िता के अधिवक्ता के मुताबिक, आरोप है कि घटना की साजिश के तहत अंजना जांगड़े ने सरकारी काम के बहाने पीड़िता के पति को नया रायपुर बुलाया। इसके बाद बालकृष्ण जांगड़े शादी का कार्ड देने के बहाने दिनदहाड़े पीड़िता के घर पहुंचा।
आरोप है कि घर पहुंचने के बाद उसने महिला से बातचीत की और पानी मांगा। महिला जब बच्चे को गोद में लेकर पानी देने हॉल में पहुंची, तभी आरोपी ने कथित तौर पर बच्चे को उसकी गोद से छीनकर जमीन पर पटक दिया और महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी।
पीड़िता के वकील के अनुसार, महिला ने जब आरोपी का विरोध किया तो उसने चाकू से उसके शरीर पर कई वार किए। इसके बाद आरोपी ने महिला को घर के अंदर घसीटकर उसके साथ मारपीट की। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
मामले में घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आई। आरोप है कि महिला को मृत समझने के बाद आरोपी ने उसके सीने पर सिलाई मशीन पटक दी और मौके से फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद तिल्दा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बालकृष्ण जांगड़े और उसकी पत्नी अंजना जांगड़े के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को भी केस में शामिल किया गया।
करीब छह साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने बालकृष्ण जांगड़े को दोषी करार देते हुए मृत्यु पर्यंत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, उसकी पत्नी अंजना जांगड़े को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।
अदालत के इस फैसले पर पीड़ित पक्ष ने असहमति जताई है। पीड़िता के अधिवक्ता ताराचंद कोसले के मुताबिक, परिवार अंजना जांगड़े को दोषमुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहा है।
इस तरह करीब छह साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मुख्य आरोपी को सजा तो मिल गई है, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। अब पीड़ित परिवार की प्रस्तावित हाईकोर्ट अपील पर सभी की निगाहें टिकी हैं।