सरकारी शराब दुकानों में 17 लाख का घोटाला, दो सेल्समैन पर FIR; दोनों फरार

बलरामपुर। जिले में सरकारी शराब दुकानों में करीब 17 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। कुसमी और वाड्रफनगर स्थित शासकीय शराब दुकानों में रिकॉर्ड और वास्तविक बिक्री के मिलान के दौरान यह गड़बड़ी सामने आई। मामले के खुलासे के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि दोनों दुकानों में पदस्थ सेल्समैन ने बिक्री और रिकॉर्ड में हेरफेर कर वित्तीय गड़बड़ी की।
दरअसल, आबकारी विभाग की ओर से जिले की शराब दुकानों का विभागीय ऑडिट कराया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत कुसमी और वाड्रफनगर की दुकानों के रिकॉर्ड, बिक्री के आंकड़ों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। मिलान के दौरान दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक बिक्री में बड़ा अंतर पाया गया। अधिकारियों की पड़ताल में करीब 17 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई।
मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने दोनों दुकानों में तैनात सेल्समैन के खिलाफ संबंधित थानों में FIR दर्ज कराई है। हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी सेल्समैन फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग उनकी तलाश में जुटे हैं। फिलहाल दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिक्री और रिकॉर्ड में किस तरह हेरफेर किया गया और इस गड़बड़ी में अन्य लोगों की भी भूमिका थी या नहीं।
विभागीय जांच में दोनों दुकानों में कार्यरत आठ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में आई है। इसके बाद आबकारी विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए सभी आठ कर्मचारियों को संबंधित दुकानों से हटा दिया है। हालांकि, इन कर्मचारियों के खिलाफ अभी आरोप तय नहीं हुए हैं। उनकी भूमिका की जांच जारी है और विभाग संबंधित रिकॉर्ड व दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है।
फिलहाल आबकारी विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। वित्तीय लेन-देन, बिक्री का रिकॉर्ड और दुकान से जुड़े अन्य दस्तावेजों को दोबारा खंगाला जा रहा है। साथ ही फरार दोनों सेल्समैन की तलाश भी जारी है। करीब 17 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद अब जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि यह अनियमितता कितने समय से चल रही थी, इसमें कितने लोग शामिल थे और सरकारी शराब दुकानों के रिकॉर्ड में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई।