छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार; बिजली गिरने की चेतावनी

रायपुर। अगर आप छत्तीसगढ़ में रहते हैं और आने वाले दिनों में कहीं बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का हाल जरूर जान लें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 10 सितंबर तक राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 8 सितंबर तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर हल्की बारिश और रिमझिम बौछारें दर्ज की गईं। बारिश का आंकड़ा लगभग सामान्य रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण मौसम में ठंडक घुली हुई है और वातावरण में नमी भी बढ़ गई है।
5 से 7 सितंबर: प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा।
8 सितंबर: बारिश का दायरा बढ़ सकता है। प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
9 और 10 सितंबर: इन दोनों दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से इस दौरान किसी बड़े अलर्ट या विशेष चेतावनी की जानकारी नहीं दी गई है।
राजधानी रायपुर में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। आसमान में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। हालिया आंकड़ों में जगदलपुर में अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में सावधानी बेहद जरूरी है। आकाशीय बिजली चमकने या तेज गर्जना होने पर खुले मैदान में खड़े न रहें और पेड़ के नीचे शरण लेने से भी बचें। सुरक्षित रहने के लिए किसी पक्के भवन के अंदर चले जाएं।
इसके अलावा बिजली के खंभों, नंगे तारों और बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूरी बनाए रखें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि कटी हुई फसलों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि नुकसान की आशंका कम हो सके।