रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, वंदे भारत-अमृत भारत का अब बिलासपुर में होगा मेंटेनेंस, 96 करोड़ से बनेगा हाईटेक डिपो

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बिलासपुर : वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए अब बिलासपुर में हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। रेलवे ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिलासपुर के कोचिंग डिपो में करीब 96.18 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रेलवे ने टेंडर जारी कर दिया है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट में हैवी रिपेयर बे के साथ सर्विस-कम-स्टोर भवन का निर्माण किया जाएगा। खास बात यह है कि यह सुविधा केवल वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों तक सीमित नहीं होगी। आवश्यकता के अनुसार अन्य यात्री ट्रेनों का मेंटेनेंस भी यहां किया जा सकेगा।

रेलवे की ओर से जारी टेंडर में प्रस्तावित मेंटेनेंस डिपो, निरीक्षण शेड और उससे जुड़ी सहायक सुविधाओं के ड्रॉइंग और लेआउट शामिल किए गए हैं। इसमें वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के लिए आवश्यक मेंटेनेंस सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।

प्रस्तावित सर्विस-कम-स्टोर भवन में मेंटेनेंस के लिए जरूरी उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखा जाएगा। इससे मरम्मत के दौरान आवश्यक संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे और मेंटेनेंस का काम ज्यादा सुचारु तरीके से किया जा सकेगा।

आधुनिक ट्रेनों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव के अलावा कई बार बड़े स्तर की मरम्मत की भी जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोचिंग डिपो में अलग से हैवी रिपेयर बे तैयार किया जाएगा।

इस सुविधा के बनने के बाद बड़े मेंटेनेंस कार्यों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बिलासपुर में ही उपलब्ध होगा। इससे ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

फिलहाल परियोजना टेंडर प्रक्रिया में है। 21 अक्टूबर 2026 तक इच्छुक एजेंसियों से बोली आमंत्रित की गई है। इसके बाद तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चयनित एजेंसी को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

परियोजना का निर्माण EPC (Engineering, Procurement and Construction) मोड में किया जाएगा।

बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर DCM अनुराग सिंह के मुताबिक, हैवी रिपेयर बे तैयार होने के बाद अमृत भारत और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के साथ जरूरत के अनुसार अन्य यात्री ट्रेनों का मेंटेनेंस भी किया जा सकेगा।

रेलवे की जरूरत और परिचालन के हिसाब से भविष्य में इन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा सकता है। बिलासपुर में इस तरह का आधुनिक मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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