शादी या तलाक के बाद बदला नाम तो आधार भी करें अपडेट, जानें कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी

आधार कार्ड : आधार कार्ड आज के समय में सबसे जरूरी पहचान दस्तावेजों में शामिल है। ऐसे में आधार पर दर्ज नाम का सही होना बेहद जरूरी है। शादी, तलाक या किसी अन्य व्यक्तिगत वजह से अगर आपका नाम या सरनेम बदल गया है, तो आधार कार्ड में भी इसे अपडेट कराना जरूरी हो जाता है।
पहले आधार में नाम बदलने या उसमें सुधार कराने को लेकर लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खासकर शादी के बाद सरनेम बदलने या तलाक के बाद पुराने नाम पर वापस जाने के मामलों में उचित दस्तावेज नहीं होने पर आवेदन अटक या रिजेक्ट हो जाता था। अब UIDAI ने नाम अपडेट करने के लिए जरूरी दस्तावेजों और प्रक्रिया को लेकर नियमों को अधिक स्पष्ट किया है।
आधार में नाम अपडेट करने की सुविधा पहले से उपलब्ध है। हालांकि, ऑनलाइन प्रक्रिया में आमतौर पर नाम की स्पेलिंग या टाइपिंग की गलती जैसी छोटी त्रुटियों को ठीक करने पर जोर रहता था। शादी के बाद सरनेम बदलने या तलाक के बाद नाम में बदलाव करने के लिए संबंधित दस्तावेजों की जरूरत होती है।
अब UIDAI की ओर से स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों की जानकारी स्पष्ट होने से आवेदकों के लिए प्रक्रिया को समझना आसान हो गया है। हालांकि, नाम में बदलाव के लिए वैध और संबंधित सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट होना जरूरी है।
अगर आप अपने आधार कार्ड में नाम अपडेट करना चाहते हैं, तो ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- सबसे पहले UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं।
- आधार नंबर और कैप्चा दर्ज कर Login with OTP विकल्प चुनें।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त 6 अंकों का OTP दर्ज करें।
- लॉगिन करने के बाद Name / Gender / Date of Birth & Address Update विकल्प पर जाएं।
- इसके बाद Update Aadhaar Online पर क्लिक करें।
- अब Name विकल्प चुनकर Proceed to Update Aadhaar पर क्लिक करें।
- अपना नया और सही नाम दर्ज करें।
- नाम में बदलाव के कारण के अनुसार संबंधित सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- दर्ज की गई सभी जानकारियों को ध्यान से जांचें और आगे की प्रक्रिया पूरी करें।
- निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करने के बाद आवेदन की एक्नॉलेजमेंट स्लिप डाउनलोड कर लें।
एक्नॉलेजमेंट स्लिप को संभालकर रखना जरूरी है। इसकी मदद से आप अपने आधार अपडेट रिक्वेस्ट का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
शादी के बाद आधार कार्ड में नाम या सरनेम बदलने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जैसे संबंधित दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है। यदि मैरिज सर्टिफिकेट पर आवेदक की फोटो नहीं है, तो पुराने नाम वाला वैध फोटो पहचान दस्तावेज भी मांगा जा सकता है।
इसलिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास नाम में बदलाव को साबित करने वाला उचित दस्तावेज मौजूद हो।
तलाक के बाद अगर आप अपने पुराने नाम पर वापस जाना चाहते हैं, तो फैमिली कोर्ट की ओर से जारी तलाक की डिक्री संबंधित दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।
यदि तलाक की डिक्री पर फोटो उपलब्ध नहीं है, तो पुराने नाम वाला वैध फोटो पहचान पत्र भी आवश्यक हो सकता है।
अगर शादी या तलाक के अलावा किसी व्यक्तिगत कारण से अपना पहला नाम या पूरा नाम बदलना है, तो इसके लिए भारत सरकार का आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जरूरी हो सकता है।
गजट नोटिफिकेशन नाम में बदलाव के लिए स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि, इसे पते या जन्मतिथि में बदलाव के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
आधार में नाम अपडेट करते समय सबसे जरूरी है कि आवेदन में दर्ज नया नाम और अपलोड किया गया सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट आपस में मेल खाते हों। दस्तावेज की स्कैन कॉपी भी साफ और पढ़ने योग्य होनी चाहिए।
आवेदन जमा करने से पहले नाम की स्पेलिंग समेत सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लें। छोटी सी गलती भी अपडेट रिक्वेस्ट में परेशानी का कारण बन सकती है। सही दस्तावेज के साथ आवेदन करने पर प्रक्रिया को पूरा करना आसान रहेगा।