रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर बस मालिकों के प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। बैठक में बस संचालकों की मांग पर मंत्री ने 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर यात्री किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में रखने की बात कही है।
बस मालिक लंबे समय से डीजल के दाम और बसों के संचालन से जुड़े खर्च में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा किराए में बसों का संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
बस ऑनर्स फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अनिल पुसदकर और महासचिव भावेश दुबे के मुताबिक, प्रदेश में बसों का यात्री किराया आखिरी बार 2021 में बढ़ाया गया था। इसके बाद डीजल समेत अन्य परिचालन खर्च में लगातार बदलाव हुआ, लेकिन किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई।
बस संचालकों का दावा है कि बढ़ती लागत के कारण प्रदेश के करीब 3500 बस मालिक आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। परिवहन मंत्री की ओर से किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट में रखने के आश्वासन के बाद बस मालिकों ने फैसले का स्वागत किया है।
इससे पहले छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। यात्री किराए में बढ़ोतरी के अलावा बस परमिट, फिटनेस और संचालन व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे भी इसमें शामिल थे।
महासंघ ने मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 22 सितंबर से बस सेवा बंद करने की चेतावनी दी थी। अब किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट में रखे जाने के आश्वासन के बाद इस मुद्दे पर आगे की स्थिति कैबिनेट के फैसले पर निर्भर करेगी।
बस मालिकों ने यात्री किराया बढ़ाने के साथ कई अन्य मांगें भी सरकार के सामने रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
यात्री बस किराए में बढ़ोतरी।
सिंगल स्लीपर के लिए सिंगल टैक्स लागू करना।
ई-बसों को शहर की सीमा के भीतर संचालन की अनुमति।
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों के ग्रामीण इलाकों और बस स्टैंड से संचालन पर रोक।
स्टेज कैरिज बसों के समयचक्र में उचित अंतराल तय करना।
VLTD डिवाइस के नवीनीकरण की दर कम करना।
मैनुअल फिटनेस की सुविधा उपलब्ध कराना।
प्रतिहस्ताक्षर की प्रक्रिया को नियंत्रित करना।
सभी बसों के लिए ऑनलाइन परमिट की सुविधा शुरू करना।
फिलहाल 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर परिवहन मंत्री ने सहमति जताई है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखे जाने के बाद सरकार के अंतिम निर्णय पर ही यह स्पष्ट होगा कि किराया कितना बढ़ेगा और यात्रियों के लिए नया किराया कब से लागू किया जाएगा।
यानी फिलहाल किराया बढ़ना तय नहीं है, लेकिन प्रस्ताव को कैबिनेट तक पहुंचाने की तैयारी हो चुकी है।