महतारी वंदन योजना से मिला राशि से संगीता के बच्चों की पढ़ाई हुई आसान

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रायपुर । ग्राम रनई की 29 वर्षीय श्रीमती संगीता के लिए परिवार की खुशियां उसके छोटे-छोटे सपनों में बसी हैं। पति श्री ओमप्रकाश के साथ खेती-बाड़ी और मजदूरी के काम में हाथ बंटाते हुए संगीता घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियां संभालती हैं। परिवार की जरूरतें सीमित आय में पूरी करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनकी इस चिंता को कुछ हद तक कम किया है।

हर माह खाते में आने वाली एक हजार रुपए की राशि संगीता के लिए परिवार की जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। वह इस राशि का उपयोग घर के छोटे-छोटे जरूरी कामों और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। संगीता बताती हैं कि खेती और मजदूरी पर निर्भर परिवार में आमदनी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। ऐसे में जब बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब या दूसरी जरूरी चीजों की आवश्यकता होती है अथवा घर में कोई छोटा खर्च सामने आता है, तब महतारी वंदन योजना की राशि काफी उपयोगी साबित होती है।

“हर महीने मिलने वाली यह राशि हमारे लिए बहुत काम की है। प्रदेश की मुखिया  विष्णु देव साय जी का आभार, जिन्होंने हम जैसे वर्ग की महिलाओं की चिंता को दूर कर रहे हैं। इस राशि से घर के छोटे खर्चों में इससे मदद मिल जाती है और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी इसका उपयोग कर पाती हूं। इससे परिवार की जरूरतें संभालने में मेरा भी योगदान रहता है।”

संगीता के लिए योजना की सबसे बड़ी खुशी यह है कि वह अपने परिवार की जरूरतों में आर्थिक रूप से सहभागी बन पा रही हैं। बच्चों की पढ़ाई को लेकर उनकी उम्मीदें अब और मजबूत हुई हैं। वह चाहती हैं कि उनके बच्चे खूब पढ़ें और आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें।

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने संगीता जैसी ग्रामीण महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने और बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर दिया है। संगीता की कहानी इसी विश्वास को दर्शाती है कि जब महिलाओं के हाथ मजबूत होते हैं, तो पूरे परिवार के भविष्य की राह भी आसान होती है।