नर्सिंग अफसरों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, 14 साल पुरानी ग्रेड-पे की मांग पर सरकार से जल्द फैसले की मांग

एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे पत्र में कहा है कि नर्सिंग संवर्ग लंबे समय से ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग कर रहा है। संगठन के अनुसार यह मांग करीब 14 वर्षों से लंबित है और कई बार सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया जा चुका है।
एसोसिएशन के मुताबिक दिसंबर 2025 में सांकेतिक प्रदर्शन के बाद चरणबद्ध आंदोलन किया गया था। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को नर्सिंग संवर्ग की मांगों से संबंधित बजट प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त कार्यालय के माध्यम से शासन को भेजा गया था। संगठन का कहना है कि आंदोलन स्थगित होने के बाद प्रस्ताव को अभिमत के लिए दोबारा आयुक्त कार्यालय भेजा गया, लेकिन अब तक इस पर आगे की कार्रवाई नहीं हुई है।
मांगों पर निर्णय नहीं होने के विरोध में नर्सिंग कर्मचारियों ने 9 से 11 सितंबर तक अस्पताल परिसरों में प्रतिदिन दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया। इसके बाद हुई बैठक में संगठन ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया।
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन की प्रमुख मांग ग्रेड-पे वेतनमान से संबंधित प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की है। संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय कराने की मांग की है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों से जुड़े अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर सकता है। संगठन ने पत्र में कहा है कि आंदोलन के कारण मरीजों को होने वाली परेशानियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नर्सिंग संवर्ग ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग को लेकर करीब 14 वर्षों से प्रयासरत है। संगठन ने सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत देने की मांग की है।