सीवेज प्रबंधन पर हाईकोर्ट की सख्ती, 4 STP से 70 नालों की सफाई पर मांगी कार्ययोजना

1154216-hc-high-court

बिलासपुर : बिलासपुर में सीवेज प्रबंधन और अरपा नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार, नगर निगम और मुख्य सचिव से शपथ पत्र के साथ विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने खास तौर पर यह स्पष्ट करने को कहा है कि शहर के 70 नालों से निकलने वाले सीवेज को मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के जरिए प्रभावी ढंग से साफ किया जा रहा है या नहीं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या केवल चार संचालित STP के माध्यम से शहर के सभी 70 नालों के पानी का उपचार संभव है। कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया कि यदि अतिरिक्त STP की जरूरत है तो उनकी क्षमता, स्थान, निर्माण की समय-सीमा और अरपा नदी में पानी छोड़े जाने से पहले उसके उपचार की व्यवस्था की पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए।

डिवीजन बेंच ने प्रशासन से यह भी पूछा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी 70 नाले क्या उपलब्ध और निर्माणाधीन STP से जुड़े हुए हैं। शपथ पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि प्रत्येक नाले से निकलने वाले सीवेज को प्रभावी तरीके से इंटरसेप्ट, डायवर्ट और ट्रीट किया जा रहा है या नहीं।

कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को भी इस संबंध में शपथ पत्र के साथ विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

राज्य शासन की रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की आबादी करीब 6 लाख 68 हजार 540 है। शहर में प्रतिदिन लगभग 72.20 MLD सीवेज उत्पन्न होता है। इसे सीवेज नेटवर्क और 70 नालों के माध्यम से चैनलाइज किया जाता है।

फिलहाल शहर में चार STP संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 78 MLD है। हालांकि इनका वास्तविक उपयोग करीब 43.90 MLD ही हो रहा है।

शहर में 16-16 MLD क्षमता वाले दो और STP निर्माणाधीन हैं। इनमें से एक ट्रायल रन की प्रक्रिया में है, जबकि दूसरे के 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

दोनों STP शुरू होने के बाद बिलासपुर में सीवेज ट्रीटमेंट की कुल क्षमता बढ़कर 94 MLD हो जाएगी। यह वर्तमान अनुमानित 72.20 MLD सीवेज उत्पादन से अधिक है।

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव विकासशील की ओर से पेश शपथ पत्र में दी गई जानकारी पर संतोष जताया है। हालांकि कोर्ट ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि मौजूदा और निर्माणाधीन STP वास्तव में शहर के सभी 70 नालों के सीवेज को कवर करने में सक्षम हैं या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी।

रीसेंट पोस्ट्स