प्रोफेसर को अगवा कर UPI से ट्रांसफर कराए रुपये, पैसे ऐंठने के बाद गंगाजल की कसम देकर डराया, चार आरोपी गिरफ्तार

घटना 5 अक्टूबर की शाम पुसौर थाना क्षेत्र के जकेला गांव की है। डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता रोज की तरह शाम को टहलने निकले थे। इस दौरान वह राइस मिल के पास सड़क किनारे बैठकर मोबाइल देख रहे थे। तभी अलग-अलग दिशाओं से पहुंचे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद उन्हें डबरी के पीछे एक सुनसान जगह पर ले गए।
आरोपियों ने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और प्रोफेसर से उनके मोबाइल का पासवर्ड हासिल कर लिया। इसके बाद गूगल पे और भीम यूपीआई के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने प्रोफेसर को गंगाजल की शीशी निकालकर दी और घटना किसी को नहीं बताने की कसम खिलाई। साथ ही शिकायत करने पर धमकी भी दी।
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात की योजना 3 अक्टूबर को बनाई गई थी। राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे। वहां प्रोफेसर को अगवा कर उनसे रकम वसूलने की साजिश रची गई।
योजना के अनुसार, 5 अक्टूबर को आरोपी दिनेश के भाई की काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स बाइक से जकेला पहुंचे। प्रोफेसर को अकेला देखकर उन्हें पकड़ लिया और सुनसान जगह ले जाकर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लिए।
प्रोफेसर के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर पिता का पता लगाया। इसके बाद वह परिजनों के साथ पंडरीपानी पहुंचा, जहां प्रोफेसर को बंधक बनाकर रखा गया था। परिजनों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि हथियारबंद अपहरणकर्ताओं के पास सीधे पहुंचना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में लोगों को खुद आरोपियों का सामना करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
पुलिस ने मामले में पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ सभी चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 99,100 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल बाइक, एक चाकू और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस अब डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि ट्रांसफर की गई रकम और वारदात में प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगाया जा सके। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
