रंगदारी केस में फरार शोएब ढेबर की बढ़ीं मुश्किलें, देश छोड़ने से रोकने LOC जारी, गिरफ्तारी के लिए 5 हजार का इनाम

shoaib dhebar

रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फरार शोएब ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोपी के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। इससे पहले पुलिस उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा कर चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, शोएब ढेबर की तलाश में बुधवार को करीब आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल चुका था। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, एक कॉन्स्टेबल को मामले से जुड़ी सूचना लीक करने के आरोप में लाइन अटैच किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

यह मामला कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को विदेशी व्हाट्सएप नंबर से कथित धमकी मिलने से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, सितंबर में कुकरेजा को एक संदेश भेजकर 25 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि संदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लिया गया था और रकम नहीं देने पर उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने भी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। इसी जांच में कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे शोएब ढेबर का नाम सामने आया।

पुलिस ने इस मामले में शोएब ढेबर को पहले गिरफ्तार किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के अनुसार, इसी दौरान वह फरार हो गया।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तेलीबांधा थाना पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद उसके विदेश जाने की आशंका को देखते हुए LOC जारी करने की कार्रवाई की गई।

लुकआउट सर्कुलर जारी होने का उद्देश्य संबंधित एजेंसियों को सतर्क करना है, ताकि आरोपी के देश से बाहर जाने की कोशिश करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पुलिस शोएब ढेबर की तलाश में जुटी है।

इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। रंगदारी और धमकी से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।