24 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में युवक पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 24 वर्षीय युवती की आत्महत्या का मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के डिपरापारा इलाके में युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पुलिस को मौके से छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखा सुसाइड नोट और उसका मोबाइल फोन मिला है। सुसाइड नोट में युवती ने एक युवक पर मानसिक रूप से परेशान करने, शारीरिक संबंध बनाने और निजी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतका की पहचान पायल निर्मलकर के रूप में हुई है। वह दुर्ग के एक निजी संस्थान में काम करती थी। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। उसकी मां कपड़े प्रेस करने का काम करती हैं। परिवार में 27 वर्षीय बड़ा भाई और एक छोटी बहन हैं। उसका भाई छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की पहली बटालियन, भिलाई में पदस्थ है।
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय पायल घर में अकेली थी। इसी दौरान उसने दुपट्टे से फांसी लगा ली। ड्यूटी से घर लौटे उसके भाई ने दरवाजा अंदर से बंद पाया। कई बार आवाज देने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया। अंदर पहुंचने पर पायल फंदे से लटकी मिली।
परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस को घटनास्थल की जांच के दौरान पायल का सुसाइड नोट और मोबाइल फोन मिला। नोट में युवती ने अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों से माफी मांगी है। साथ ही योगी नामक युवक पर आरोप लगाया है कि उसने भरोसा जीतकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
युवती के मुताबिक, पिछले करीब दो महीने से युवक उसे परेशान कर रहा था और शादी के लिए दबाव बना रहा था। उससे दूरी बनाने की कोशिश करने पर वह उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगा। सुसाइड नोट में परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी जिक्र है।
युवती ने अपने नोट में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस को मोबाइल फोन से तस्वीरें, भुगतान से जुड़े स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल जानकारियां भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि संबंधित युवक का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वह पहले जेल जा चुका है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट, मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और परिजनों के बयानों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
