दुर्ग में अवैध ब्याज वसूली का खेल: दो महिलाएं गिरफ्तार, ब्लैंक चेक और स्टाम्प पेपर से बनाती थीं दबाव; 3.79 लाख रुपए जब्त

पुलिस के मुताबिक, वैशालीनगर निवासी पूनम मनोज कुमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2024 में उन्होंने आरोपियों से 50 हजार रुपए ब्याज पर लिए थे। इसके बदले सुरक्षा के तौर पर उनसे ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाए गए थे।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने प्रति सप्ताह 2,500 रुपए के हिसाब से 29 सप्ताह तक कुल 72,500 रुपए ब्याज के रूप में भुगतान किया। इसके बावजूद आरोपियों की ओर से अतिरिक्त 1 लाख 50 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। रकम देने में देरी होने पर गाली-गलौज करने के साथ उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
इसी मामले में पीड़िता की सहेली सुमिता तब्बोली ने भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों से 1 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे। इसके बदले प्रति सप्ताह 5 हजार रुपए के हिसाब से 28 सप्ताह में कुल 1 लाख 40 हजार रुपए चुका दिए। इसके बाद भी उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था।
दोनों शिकायतों के आधार पर थाना वैशालीनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 308(5), 3(5) और कर्जा एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशालीनगर पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और ब्याज वसूली से जुड़े दस्तावेजों सहित अन्य साक्ष्य जुटाए। जांच में अपराध से संबंधित साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने बबली साहू उर्फ बबली निरंजन (42 वर्ष) और ज्योति निरंजन (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों से संबंधित ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए निम्न सामग्री जब्त की है:
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बबली साहू के कब्जे से 99,900 रुपए नकद।
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सीमा यादव के मकान की तलाशी में करीब 2 लाख 80 हजार रुपए नकद।
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ब्याज वसूली और लेन-देन के हिसाब-किताब की डायरी।
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विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक।
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कोरे स्टाम्प पेपर और हस्ताक्षरित कोरे चेक।
कुल जब्त नकद राशि 3 लाख 79 हजार 900 रुपए है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बबली साहू उर्फ बबली निरंजन के खिलाफ थाना सुपेला में पहले भी कर्जा एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हैं।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ब्याज पर रकम देने के नाम पर कोई व्यक्ति अवैध वसूली करता है, धमकी देता है या ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर के जरिए दबाव बनाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि ब्याज के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, भुगतान की रसीदें और बैंक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। किसी के दबाव में आकर ब्लैंक चेक या हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर न दें और प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
