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उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य में दर्जनों वारदातों को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का खुलासा

durg sona

दुर्ग । नकली सोना को असली बताकर धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के एक सदस्य को आज दुर्ग पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी से कल पुरई उतई स्थित कनिष्क ज्वेलर्स से की गई 10 लाख रुपए की ठगी की नगद राशि एवं नकली सोना जप्त किया गया है। आरोपी का दूसरा साथी फरार होने में सफल रहा है इस गिरोह के द्वारा उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य में दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया गया है।

पुलिस नियंत्रण कक्ष में पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने ली पत्र वार्ता में बताया कि 16 दिसंबर को प्रार्थी भोज राम साहू निवासी पुरई थाना उतई ने बताया कि उसके ज्वेलर्स दुकान कनिष्क ज्वेलर्स पर सुबह 10:00 बजे के करीब पिता की मौजूदगी में एक व्यक्ति जो अपना नाम सेवा राम सोलंकी पता भिलाई 3 वसुंधरा नगर निवासी बताया और विश्वास में लेकर नकली सोना को असली बताकर 10 लाख रुपए की ठगी की गई जिसकी रिपोर्ट कल रात्रि 11:00 बजे के लगभग सेवाराम द्वारा थाना उतई में की गई थी। थाना प्रभारी नवी मोनिका पांडे के द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दुर्ग के द्वारा सभी अधिकारियों को आरोपियों की शीघ्र तलाश करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर से सीएसपी छावनी विश्वास चंद्राकर एवं थाना प्रभारी भिलाई 3 विनय सिंह बघेल ने सिविल टीम के साथ पतासाजी शुरू की गई। सीसीटीवी कैमरे पर फोकस करते हुए मोबाइल तकनीकी साक्ष एवम अंतर राज्य ठग के संबंध में डाटा कलेक्शन किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई जिस पर ज्ञात हुआ कि इस गिरोह के कुछ सदस्य भिलाई क्षेत्र अंतर्गत चरोदा देवबलोदा पुराना क्षेत्र में अपने परिवार सहित निवासरत हैं। तत्काल आसपास के क्षेत्रों में सादी वर्दी में पुलिस की टीमों द्वारा खोजबीन की गई। इस दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक परिवार के सदस्य बेचैन थे। वह इस घटना से संबंधित हो इस पर पुलिस टीम उनके घर के आस-पास लगी रही एवं उनकी गतिविधियों पर पैनी निगाह रखी गई थी। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर घेराबंदी कर पकड़ा गया।

आरोपी सेवाराम सोलंकी उर्फ विनोद सोलंकी पिता देवीदयाल सोलंकी 45 साल साकिन वसुंधरा नगर भिलाई 3 से पूछताछ की गई। जिस पर आरोपी ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया गया। तुरंत की फोटो प्रार्थी भोज राम साहू को प्रेषित की गई ।जिसके द्वारा पहचान किए जाने पर आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया और पुलिस को बताया कि 14 दिसंबर को वह एक चांदी का सिक्का बेचकर? 500 उक्त ज्वैलर संचालक से प्राप्त किए थे और ज्वेलर्स संचालक को अपने झांसे में ले लिया था।

16 दिसंबर को नकली सोना 800 ग्राम को लेकर उसके दुकान में गया और बदले में 10 लाख रुपए लेकर चला गया। आरोपी ने बताया कि पीतल का जेवरात आगरा से 21 सौ रुपए किलो के भाव से खरीदते हैं एवं इस जेवरात का उपयोग जो व्यक्ति इनके चंगुल में फंसता है उसे ठगने में उपयोग करते हैं। आरोपी ने बताया कि पीतल के ज्वेलर्स को उस व्यक्ति को दिखाते हैं जिस से ठगी करना है। सोने की वास्तविक दानों को अंगुलियों के बीच दबाकर रखते हैं चंगुल में फंसे व्यक्ति को पीतल की माला के किसी भी भाग को काटकर जांच करने कहते हैं एवं तोड़ते समय नकली दाने की जगह असली दाने को अंगुली के बीच में गिरा कर उसे पीडि़त व्यक्ति को जांच करने देते हैं। पीडि़त का विश्वास करने के बाद उसे नकली माल थमा कर फरार हो जाते हैं आरोपियों के साथी उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ में दर्जनों से भी वारदात कर चुके हैं।