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कलेक्टर बंगले में सांप ने एक कर्मचारी को डस लिया, जिला अस्पताल में इलाज जारी

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दुर्ग:-  कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के बंगले में सांप ने एक कर्मचारी को डस लिया। फिर आनन फानन में नोवा नेचर के सदस्य को फोन कर बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा जा सका। सांप की पहचान वाटर स्नेक के रुप में की गई। फिलहाल जिस कर्मचारी को सांप ने काटा था, उसका इलाज जिला अस्पताल दुर्ग में किया जा रहा है।

कलेक्टर के बंगले में सांप निकले के बाद नोवा नेचर के सदस्य ने रेस्क्यू किया। नोवा नेचर के सदस्य ने बताया कि हमें सूचना मिली कि यहां पर सांप ने रुपेश यादव को काट लिया है, और वो एक कोने में छिपकर बैठा है। हमने वहां देखा तो बताया कि घबराने की जरुरत नहीं है। जिस सांप ने डसा है, वो जहरीला नहीं है। कर्मचारी को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहां उसका इलाज जारी है।

नोवा नेचर के सदस्य ने बताया कि वाटर स्नेक बिना जहर वाला होता है। इसे अंग्रेजी में चेकर्ड किलबैक स्नेक कहते है। हिन्दी में ढोढ़िया सांप बोलते है, यह सांप ज्यादातर पानी में रहता है। इस सांप की प्रवृत्ति कांटने की होती है, लेकिन इसमें किसी तरह का कोई जहर नहीं होता है। यह कांटने पर अपने पूरे जबड़े के दांत लगाता है। जबकि विषैला सांप सिर्फ दो दांतों से कांटते है।

बताया जा रहा है कि सांप के का​​​​​​टने के बाद आहत बंगले के कर्मचारी रुपेश यादव को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें 24 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। मानसून शुरु होते ही लोगों के घरों में सांप निकलने लगते है। क्योंकि सांप जिस जगह में रहते है, उन बिलों में बरसात की वजह से पानी भर जाता है। जिस वजह से सांप खुद को बचाने और अपना खाना पाने के लिए लोगों के घरों की तरफ आ जाते है।

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