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छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र आज से, राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत, सीएम भूपेश 9 को पेश करेंगे बजट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। सुबह 11 बजे राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण से इसकी शुरुआत होगी। सदन के पहले दिन दिवंगत पूर्व सांसदों-विधायकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस सत्र में 13 बैठकें होनी हैं। वर्ष 2022-23 का आम बजट 9 मार्च को पेश होगा। सीएम भूपेश बघेल बजट पेश करेंगे। इस बार मुख्य बजट का एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। यह छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा।

 

सोमवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके विधानसभा जाएंगी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यपाल का अभिभाषण होगा। राज्यपाल सरकार के कामकाज का ब्यौरा रखेंगी। राज्यपाल के अभिभाषण को सरकार का विजन डॉक्यूमेंट माना जाता है। अभिभाषण खत्म होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे धन्यवाद प्रस्ताव लाएंगे। सोमवार को ही वित्तीय वर्ष 2021-22 का तीसरा अनुपूरक बजट पेश होगा। इस पर चर्चा मंगलवार को प्रस्तावित है।

बजट सत्र के लिए 1682 प्रश्न विधायकों ने लगाए
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने बताया कि तृतीय अनुपूरक अनुमान के लिए 7 मार्च का समय है, जिसके लिए 1 दिन का समय 8 मार्च रखा गया है। वहीं बजट सत्र के लिए प्रश्नों की संख्या 1682 है, जिसमें 854 तारांकित प्रश्न और 828 अतारांकित प्रश्न हैं। ध्यानाकर्षण की 114 सूचनाएं, स्थगन की 10 सूचनाएं, नियम 139 के अधीन अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए 4 सूचनाएं, अशासकीय संकल्प की 7 सूचनाएं, शून्यकाल की 16 सूचनाएं तथा याचिका की 45 सूचनाएं प्राप्त हुई है।

विपक्ष ने प्रदेश सरकार को बनाई घेरने की रणनीति 
भाजपा ने सरकार को घेरने के लिए कुछ खास कई मुद्दों पर होमवर्क किया है। पिछले दिनों प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी व पूर्व सीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में इस पर रणनीति भी बनी। प्रदेश में भूमाफिया, अपराध, दुष्कर्म, रेत माफिया, खनिज माफिया, कोयला चोरी, हत्या की घटनाएं शामिल हैं। वन्य जीवों की तस्करी, खाद-बीज का संकट, बेरोजगारी सहित दूसरे मुद्दों को भी भाजपा उठाने जा रही है। ध्यानाकर्षण से भी सरकार को घेरने की रणनीति बनी है।

90% प्रश्न ऑनलाइन आए, कटाई से बचेंगे 58 पेड़ 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बताया कि कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए इस बार सभी प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से आमंत्रित किए गए थे। बजट सत्र के लिए कुल 1682 प्रश्न प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1499 प्रश्न यानी 90 प्रतिशत ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नावली मंगाए जाने के लाभ को बताते हुए कहा कि इससे हर साल 2.2 टन कागज की बचत होगी, जिससे 58 वृक्षों की कटाई भी हर साल बच जाएगी। 1 लाख लीटर पानी की भी बचत होगी। पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। इस नई पहल का लाभ छत्तीसगढ़ के साथ देश को भी मिलेगा

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