BREAKING NEWS: लॉरेंस विश्नोई गैंग के निशाने पर थे छत्तीसगढ़ के बड़े कारोबारी, झारखंड ATS समेत इंटेलिजेंस पूछताछ में जुटा

रायपुर। सलमान के घर गोली चलाने वाले गैंग की छत्तीसगढ़ में एंट्री कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस और अमन साव गैंग के चार शूटरों को पुलिस ने 72 घंटे के खुफिया ऑपरेशन के बाद भाठागांव के एक होटल से गिरफ्तार किया। शूटरों को मलेशिया में रहकर वहां से लॉरेंस और अमन साव के गैंग का कामकाज देखने वाले मयंक सिंह ने 10 लाख की सुपारी दी थी। कोल कारोबारी का झारखंड में 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट है।
बिश्नोई और अमन साव का गैंग पिछले एक साल से 50 करोड़ प्रोटेक्शन मनी मांग रहा है। कारोबारी ने इनकार कर दिया। उसके बाद दोनों गैंग ने पिछले साल कारोबारी को रांची में धमकी भरा मेल भेजा। फिर घर पर धमकी भरा पर्चा फेंका। कई बार डराने की कोशिश की। उसके बाद राजस्थान के बाइक राइडर और झारखंड के शूटरों को सुपारी दे दी। दो शूटर और दो बाइक राइडर रायपुर पहुंचे। उनकी प्लानिंग सोमवार को सुबह 10 बजे कारोबारी को गोली मारने की थी। उसके पहले ही दिल्ली से मिली गोपनीय सूचना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने चारों को पकड़ लिया। आरोपियों से 2 पिस्टल जब्त किए गए हैं। फिलहाल लॉरेंस व अमन गैंग का पूरा सिस्टम मलेशिया में बैठा मयंक सिंह चला रहा है।
अमन के 200 शूटर और लॉरेंस के पास 700 शूटर है। देश के हर राज्य में इन लोग फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार दिखाने के लिए मुकेश पुणे में मूवर्स एंड पैकर्स का काम करता है जबकि देवेंद्र मुंबई में कपड़ा दुकान में काम करता है। रायपुर पहुंचकर कोल कारोबारी की रेकी करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की थी। यहां तक कि रायपुर से भागने का सेफ रास्ता भी इन्हें ही तलाश करना था। इसके लिए दोनों दो दिन पहले आ गए थे।
इंदौर से पिस्टल लेकर रायपुर पहुंचा
एसएसपी संतोष सिंह ने बताया कि दिल्ली से मिलने इनपुट के बाद एसीसीयू की स्पेशल टीम बनाई गई। शूटर रोहित स्वर्णकार को ट्रेस करना शुरू किया गया। रोहित झारखंड से इंदौर पहुंचा। वहां एक गांव गया। वहां उसने पिस्टल और बुलेट ली। उसके बाद वह इंदौर से उज्जैन में महाकाल के दर्शन किया और वहां से शनिवार सुबह रायपुर आया।
सोशल मीडिया से चला रहे नेटवर्क
सोशल मीडिया के माध्यम से लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव अपना नेटवर्क चला रहे हैं। वे कोयला कारोबार से जुड़े लोगों से प्रोटेक्शन मनी वसूलते हैं। उनकी बात नहीं मानने वालों की हत्या कर दी जाती है। लॉरेंस हरियाणा व अमन दुमका की जेल में है। वहां रहकर वे सोशल मीडिया प्लेटफार्म से अपने गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं और एप के जरिए बात करते हैं।
काेल कारोबार से जुड़े लोग निशाने पर: आईजी
आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि गैंगस्टर लॉरेंस और अमन साव उर्फ अमन साहू अलग-अलग जेल में बंद है। दोनों मिलकर देश में बड़े कारोबारियों और नामचीन हस्तियों से प्रोटेक्शन मनी वसूलने का गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। उनके टारगेट में कोयला कारोबारी, ठेकेदार, खनन कारोबारी, सप्लायर और ट्रांसपोर्टर हैं। उनसे ये गैंग 20 से 100 करोड़ रुपए तक वसूल रहे हैं। रायपुर के एक कोल कारोबारी का झारखंड में 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट चल रहा है। उनसे वे पिछले एक साल से प्रोटेक्शन मनी मांग कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें धमकी भरा मेल भी किया है।
कारोबारी ने गैंग को पैसा नहीं दिया तो उनके नाम की सुपारी दी। लॉरेंस और अमन चूंकि जेल में इसलिए उनका पूरा काम अभी मलेशिया में बैठा मयंक सिंह संभाल रहा है। उसने कारोबारी को मारने झारखंड बोकारो के रोहित स्वर्णकार (26) और राजस्थान पाली के पप्पू सिंह उर्फ पप्सा (31) से संपर्क किया। रोहित को कहा गया कि वह इंदौर जाए। वहां एक युवक मिलेगा जो पिस्टल और बुलेट देगा। पप्पू को दो बाइक राइडर खोजने के लिए कहा गया। ताकि वारदात के बाद वह शूटरों को बाइक से लेकर रायपुर से भाग सके। पप्पू ने इसके लिए अपने गांव पाली के मुकेश कुमार (26) और देवेंद्र सिंह(20)को रायपुर जाने को कहा। दोनों तेज रफ्तार बाइक चलाने में माहिर हैं।