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अब 31 जुलाई तक फसल बीमा करा सकेंगे किसान, इन फसलों का इंश्योरेंस भी, पर ये दस्तावेज जरूरी

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रायपुर| छत्तीसगढ़ में धान की खेती शुरू हो गई है। इस बीच, किसान अपनी फसलों का 31 जुलाई तक बीमा करा सकेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम खरीफ साल 2024 के लिए ये बीमा किया जा रहा है। इस योजना में योजना में धान, उड़द, मूंग, मूंगफली, कोदो, कुटकी, मक्का, अरहर /तुअर, रागी और सोयाबीन को शामिल किया गया है। इस बीमा योजना से किसानों को मौसम की मार से राहत मिल सकती है।

किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी। किसान अपने जिले के कलेक्टर, पंचायत या फिर कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि याेजना का फायदा लेने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड 31 जुलाई से पहले बैंक अपडेट करवाना होगा।

फसल बीमा पोर्टल पर इसके बिना बीमा नहीं दिया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुसार खाद-बीज दिया जा रहा है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अफसरों को इस पर निगरानी रखने को कहा है। प्रदेश के किसानों को अब तक 8 लाख 61 हजार मीट्रिक टन खाद और 7 लाख 85 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज दिया जा चुका है।

किसानों को आधार कार्ड की फोटो कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण-पत्र (बी-1, खसरा) की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर अकाउंट, IFSC कोड, बैंक का पता साफ-साफ दिख रहा हो। फसल बुवाई प्रमाण-पत्र, किसान का वैध मोबाइल नंबर और बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा, कास्तकार का घोषणा पत्र लगेगा।

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