पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नहीं रहे, दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस…

दिल्ली। भारत के दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का आज गुरुवार को निधन हो गया। 92 वर्षीय मनमोहन सिंह को असम काफी तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है पर रॉबर्ट वाड्रा ने अपने फेसबुक पेज में मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी है। वही छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहने के अलावा प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के भी अध्यक्ष रहे थे। रिजर्व बैंक के भी गवर्नर रहे थे पीवी नरसिम्हा राव के सरकार में वित्त मंत्री रहे और आर्थिक सुधारो की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया था।

2006 में मनमोहन सिंह की दोबारा बाईपास सर्जरी हुई थी। कोविड के समय उन्हें सांस लेने में तकलीफ रहती थी। आज गुरुवार को 8:00 बजे सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती करवाया गया था। दिल में समस्या को देखते हुए कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर नीतिश नायक की देखरेख में सीनियर डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी थी पर उन्हें बचाया नहीं जा सका।

देश के बड़े अर्थशास्त्रियों में गिने जाने वाले मनमोहन सिंह के द्वारा किए गए आर्थिक सुधारो को भारतीय इकोनॉमी की नींव माना जाता है। उनका जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पश्चिमी पंजाब के गाह ( अब पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय और ग्रेट ब्रिटेन में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री मनमोहन सिंह को प्रदान की गई थी। 1985 से 1987 तक भारतीय योजना आयोग के प्रमुख मनमोहन सिंह रहे थे। मनमोहन सिंह की गिनती देश ही नहीं बल्कि दुनिया के मशहूर अर्थशास्त्रियों में होती थी म भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहने के अलावा उन्होंने 1991 में राजीव गांधी के बम विस्फोट में निधन के बाद प्रधानमंत्री बने पीवी नरसिम्हा राव के समय वित्त मंत्री का दायित्व सम्हाला। 2004 से 2014 तक वे दो बार प्रधानमंत्री रहे। दोनों बार वे लोकसभा की बजाय राज्यसभा सांसद रहते हुए प्रधानमंत्री बने। वे अभी राज्यसभा के सांसद रहे थे और इसी वर्ष उनका राज्यसभा के सांसद के तौर पर कार्यकाल पूरा हुआ है।

मनमोहन सिंह को आर्थिक सुधारो के अलावा परमाणु संधि के लिए भी जाना जाता है। 2006 में मनमोहन सिंह की दूसरी बार बाईपास सर्जरी हुई थी। 13 अक्टूबर 2021 को कोरोना के समय उन्हें बुखार की शिकायत पर दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था और लंबे समय तक उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती रहना पड़ा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी अस्पताल पहुंच गई। कांग्रेस ने कर्नाटक के बेलगावी में चल रही सीडब्ल्यूसी मीटिंग को भी बीच में ही रद्द कर दिया। वहां से राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी एम्स पहुंच गई हैं। एम्स में मनमोहन सिंह की बेटी और पत्नी भी मौजूद है। एम्स के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी चौकस कर दी गई है।

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